शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व से सटे हातौद और छोटी हातौद गांवों में पिछले कई महीनों से मौजूद तेंदुआ परिवार की दहशत गुरुवार को समाप्त हो गई। वन विभाग और माधव टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने दो युवा तेंदुओं को पिंजरे में कैद किया। ग्रामीणों के चंदे से खरीदे गए बकरे को चारे के रूप में इस्तेमाल करने की तरकीब सफल रही। पकड़े गए तेंदुओं को सुरक्षित रूप से रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से महुअर नदी उफान पर आ गई है। गुरुकुदवाया, सजोर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गुरुकुदवाया पंचायत के कई घरों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया और शासकीय स्कूल भी जलमग्न हो गए। बारिश से सड़कें, गलियां और खेत तालाब में तब्दील हो गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ और खड़ी फसलें डूब गईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सर्वे और राहत कार्य की मांग की है। क्षेत्र में बारिश जारी है और नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
शिवपुरी के पिछोर अंचल में दो दिनों की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। महुअर नदी में उफान आने से गुरुकुदवाया सहित लगभग एक दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सैकड़ों एकड़ खरीफ की फसल पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को 50% से अधिक नुकसान की आशंका है। निचले इलाकों में घरों और स्कूल में भी पानी भर गया। जिले में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने नुकसान के सर्वे के लिए राजस्व दल गठित किए हैं।
मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं, जिसका मुख्य कारण प्रदेश के पास से गुजर रहा मानसून ट्रफ है। शुक्रवार-शनिवार रात शिवपुरी जिले में छह इंच तक भारी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें धनियाधाना में सर्वाधिक 160 मिमी बारिश हुई। भोपाल में बादल छाए रहे लेकिन वर्षा नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, कमजोर हुए कम दबाव के क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के प्रभाव से अगले दो दिन प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है, खासकर पूर्वी और मध्यवर्ती जिलों में।
शिवपुरी जिले के रन्नौद नगर परिषद की लापरवाही के कारण गिटला आदिवासी को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। पिता जगनी आदिवासी की मृत्यु पर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पर, नगर परिषद ने 12 अप्रैल 2023 को गिटला को ही मृत दर्शाते हुए प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इस त्रुटि के कारण गिटला का आधार कार्ड निलंबित हो गया है, और वह तीन साल से प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन सहित अन्य शासकीय सुविधाओं से वंचित है। पटवारी के पास जमीन नामांतरण के दौरान गलती का पता चला। गिटला ने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की, पर कोई समाधान नहीं मिला।
शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में खरैह निवासी 55 वर्षीय जगदीश जोशी गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद वे दो घंटे तक सड़क किनारे तड़पते रहे, लेकिन समय पर न पुलिस पहुंची और न ही एंबुलेंस। ‘पुलिस केस’ के डर से राहगीरों ने भी मदद नहीं की। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय रघुवंशी ने प्रशासनिक अधिकारियों को फोन करने का दावा किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। इसके बाद आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने शव के पास धरना दिया, पुलिस की लापरवाही को मौत का कारण बताया।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर चौथी कक्षा के दलित छात्र को पीटने का आरोप लगा है। छात्र ने शिक्षक की बोतल से पानी पी लिया था, जिसके बाद कथित तौर पर शिक्षक ने उसे जातिसूचक गालियां दीं और डंडे से पीटा। पीड़ित छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने शिक्षक लोकेश शर्मा के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। घटना सोमवार को हुई थी और पुलिस ने मंगलवार को एफआईआर दर्ज की।
ग्वालियर की एक विवाहित महिला अपने बच्चे और प्रेमी लल्ला जाटव के साथ फरार हो गई थी। देवास पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे झाँसी के मोठ क्षेत्र से बच्चे, प्रेमी और दो साथियों सहित पकड़ा। देवास ले जाते समय शिवपुरी में आरोपियों ने पुलिस को चकमा देकर खेतों की ओर भागने का प्रयास किया। ग्रामीणों और गौ सेवकों की मदद से महिला और दो अन्य आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी लल्ला जाटव फरार होने में सफल रहा। बाद में देवास पुलिस पकड़े गए आरोपियों, महिला और बच्चे को लेकर देवास रवाना हो गई।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में ज्ञान भारत मिशन के तहत एक दुर्लभ सोने की मूठ वाली तलवार मिली है। पुरातत्वविदों को यह तलवार पुरानी पांडुलिपियों के दस्तावेजीकरण के दौरान प्राप्त हुई। तलवार पर फारसी भाषा में अंकित शिलालेख के अनुसार, इसे मुगल सम्राट शाहजहां ने करेरा किले के सेनापति सैयद सालार को भेंट किया था। यह तलवार सैयद सालार की नौवीं पीढ़ी की वंशज इत्रत जैदी के निजी संग्रह में सुरक्षित थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आज भी मौजूद दुर्लभ मुगलकालीन हथियारों में से एक हो सकती है।