बुलंद सोच, भोपाल।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर कांग्रेस की मांगों पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के चुनाव जीतने पर आयोग ठीक होता है, लेकिन हारने पर वही आयोग खराब कैसे हो जाता है?
चौहान ने कहा कि मतपत्र से चुनाव कराने की मांग कर कांग्रेस देश को 80-90 के दशक में वापस ले जाना चाहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी नेताओं पर निशाना साधते हुए शिवराज ने कहा कि हारने के बाद जनादेश का अपमान करना और चुनाव आयोग को बदनाम करना कांग्रेस की पुरानी आदत है।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए पूछा कि यदि चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर ही सवाल हैं, तो कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस चुनाव कैसे जीत गई?
शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हार के बाद जनादेश स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को बदनाम करना और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना कांग्रेस के राजनीतिक रवैये का हिस्सा बन गया है।
चौहान ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आपातकाल लगाकर कांग्रेस पहले भी लोकतंत्र को कमजोर कर चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव व्यवस्था को लेकर इसी तरह का खतरनाक खेल खेला जा रहा है।
शिवराज ने टिप्पणी की, “संस्थाएं गलत, व्यवस्थाएं गलत, ध्वस्त कर दो, देश को अराजक बना दो-ये पाप है।”
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नापाक इरादे और मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।

