बुलंद सोच, ग्वालियर।

सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवाद में बुधवार को जिला न्यायालय में सुनवाई होगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ प्रतिमा देवी की ओर से आदेश 9 नियम 7 के तहत प्रस्तुत आवेदन को न्यायालय ने पिछली सुनवाई में स्वीकार कर लिया था।
प्रतिमा देवी ने आपत्ति जताई है कि संपत्ति विवाद से जुड़ी न्यायिक कार्यवाही में उन्हें उचित रूप से न तो पक्षकार बनाया गया और न ही अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया। उन्हें वसीयत तथा संपत्ति से संबंधित जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें भेजे गए नोटिस नेपाल के नेपालगंज पते पर भेजे गए, जबकि वह करीब 20 साल से काठमांडू में रह रही हैं।
सिंधिया परिवार की संपत्तियों के बंटवारे का यह विवाद लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और अन्य पक्षों के दावे जुड़े हैं।
जयविलास पैलेस सहित विभिन्न संपत्तियों को लेकर अधिकार और बंटवारे के सवाल न्यायालय के समक्ष हैं। संपत्तियों का मूल्यांकन करीब 40 हजार करोड़ रुपये का बताया जा रहा है, लेकिन अंतिम मूल्य और विभिन्न पक्षों का हिस्सा अभी न्यायालय ने तय नहीं किया है।

