मध्य प्रदेश में इस सीजन अब तक औसत से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे 55 में से 43 जिले प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में साढ़े तीन इंच कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से राज्य में भारी बारिश नहीं हुई है। हालांकि, उत्तरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण और एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आगामी दिनों में तेज बारिश की उम्मीद है। बुधवार को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश में मानसून ट्रफ, चक्रवाती परिसंचरण और शियर जोन सहित तीन मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हो गई हैं। इनके प्रभाव से मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर और उज्जैन संभाग) सहित 17 जिलों में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वर्तमान मौसम प्रणाली 2 अगस्त तक सक्रिय रहेगी। प्रदेश में अब तक औसत से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, हालांकि जुलाई में कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है।