ग्वालियर के तानसेन नगर निवासी वीरू करण को उनके दो परिचितों ने सोमवार दोपहर अगवा कर लिया था। अपहरणकर्ताओं ने वीरू की पत्नी के मोबाइल पर संदेश भेजकर उनकी रिहाई के लिए तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी। सूचना मिलते ही ग्वालियर पुलिस ने दो विशेष टीमें गठित कर तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस शिवपुरी जिले के वैराड़ क्षेत्र पहुंची और 18 घंटे की लगातार खोजबीन के बाद मंगलवार सुबह वीरू को सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने एक आरोपी वरुण बंजारा को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी अरुण बंजारा फरार है।
रीवा जिले में एक ढाई साल की बच्ची को आंगनवाड़ी केंद्र से बोरी में भरकर अगवा कर लिया गया था। अपहरणकर्ता बच्ची को दोपहिया वाहन से लगभग 100 किलोमीटर दूर सीधी जिले के एक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में छिपा दिए थे। थाना समान पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर दबिश देकर बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों को चिन्हित किया और पूरे षड्यंत्र पर पानी फेर दिया।
भोपाल में 7-8 अगस्त की दरमियानी रात शाहपुरा थाने के आरक्षक सुंदरराम पटेल को चेकिंग के दौरान दो बदमाशों ने अगवा कर लिया। बदमाशों ने आरक्षक के हाथ-पैर बांधकर उसे कार में रातभर घुमाकर पीटा और तड़के एमपी नगर स्थित शासकीय मुद्रणालय के पास फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी और कार नंबर के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया है और अपहरण व लूट का मामला दर्ज किया है। इस बीच, पुलिस के आला अधिकारियों पर घटना को दबाने और कर्मचारियों को खबर लीक न करने की कसम दिलाने के आरोप लगे हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्वालियर के कंपू इलाके में रहने वाले रेडियो पुलिस आरक्षक संदीप तोमर को पत्नी से विवाद के बाद उत्तराखंड से बरामद किया गया है। छह अगस्त को पत्नी प्रियंका की शिकायत पर अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई थी। दूसरी घटना में, मोहना क्षेत्र में पुलिस ने दो गांजा तस्करों, मोनू परिहार और नरोत्तम जाटव को सवा दो किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। ये तस्कर लंबे समय से राजस्थान से गांजा लाकर मोहना में सप्लाई कर रहे थे, जिसके संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
भोपाल में गश्त पर तैनात सिपाही सुंदरम पटेल का दो बदमाशों ने अपहरण कर लिया। दानापानी इलाके में खुले में शराब पीने से रोकने पर हुए विवाद के बाद, आरोपी सिपाही को अपनी इनोवा कार में अगवा कर थाने ले जाने के बजाय डीबी मॉल की ओर ले गए। चलती कार में सिपाही के साथ मारपीट की गई और उसे जान से मारने की धमकी दी गई। सिपाही ने सूझबूझ दिखाते हुए चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनोवा के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर दोनों आरोपियों, भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी भूपेंद्र शर्मा का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है।
ग्वालियर में एक युवती के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। युवती को सिटी सेंटर से ऑटो चालक छोटू कुशवाह और उसके साथी कोमेश कुशवाह ने अगवा कर लिया। आरोपियों ने ऑटो में नशीला पानी पिलाकर उसे बेहोश कर दिया, फिर बेला की बावड़ी इलाके में ले जाकर दुष्कर्म किया। युवती बेहोशी की हालत में मिली और होश आने पर पुलिस से संपर्क किया। माधौगंज थाने में शून्य पर एफआईआर दर्ज की गई, जिसे बाद में यूनिवर्सिटी थाने भेजा गया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
भिंड के रौन थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुए 6 वर्षीय एकांश उर्फ गुल्लू त्रिपाठी हत्याकांड में न्यायालय ने मुख्य दोषी उदित उर्फ गुंडा चौरसिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश भिंड के न्यायालय ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इस मामले में आरोपी की मां अनीता को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई, जबकि पिता संतोष को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। घटना 19 अप्रैल 2023 को हुई थी जब ट्यूशन से लौटते समय गुल्लू का अपहरण कर लिया गया था, जिसकी दम घुटने से मौत हो गई थी।
नागपुर में एक 16 वर्षीय छात्रा के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की बेटी है, जिसे किराए के फ्लैट से छुड़ाया गया। आरोपी ने पीड़िता को 24 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा, उसे नशीले पदार्थ दिए और उस पर हमला किया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पीड़िता की दोस्त के जरिए उस तक पहुंच बनाई और सोशल मीडिया का उपयोग कर किशोरियों से दोस्ती करता था। पुलिस ने फ्लैट से नशीली गोलियां और हथियार बरामद किए हैं, जो लंबी कैद की योजना का संकेत देते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुमशुदा लोगों के मामलों में नियमों में बदलाव किया गया है। अब पुलिस हर गुमशुदा बालिग, चाहे पुरुष हो या महिला, को अपहरण मानकर जांच करेगी। इंदौर में अब मिसिंग पर्सन रिपोर्ट (एमपीआर) तक सीमित रखने की परंपरा समाप्त हो गई है, और पुलिस को पूरी फाइल बनाकर चार्जशीट पेश करनी होगी। इस नई व्यवस्था में एफआईआर दर्ज होने से कानूनी जिम्मेदारी बढ़ेगी और जांच अधिक व्यवस्थित होगी। विशेषज्ञों ने पुलिस की गंभीरता पर सफलता निर्भर होने की बात कही है।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई है। प्लेटफार्म क्रमांक तीन पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस से डेढ़ वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया गया। बदमाश ने मां का ध्यान भटकने पर बच्ची को अगवा किया और सीसीटीवी में कैद हो गया। वहीं, जून माह में तेलंगाना एक्सप्रेस में एक महिला यात्री के गले से सोने की चेन झपटने की घटना भी सामने आई है, जिसकी जांच ग्वालियर जीआरपी को सौंपी गई है।