भोपाल में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा 2023 के चयनित अभ्यर्थी लंबित नियुक्ति को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की तैयारी में हैं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह की शांतिपूर्ण हड़ताल के बावजूद शासन और स्वास्थ्य विभाग से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग तत्काल नियुक्ति और जबलपुर व इंदौर हाई कोर्ट के आदेशों का पालन है। वे स्वास्थ्य विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं।
मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का तीन दिवसीय आंदोलन सरकार द्वारा स्टाइपेंड में 50% वृद्धि की घोषणा के बाद समाप्त हो गया है। अब इंटर्न डॉक्टरों को प्रतिमाह 21,500 रुपये मिलेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने यह घोषणा की, जिसके बाद डॉक्टरों ने आभार व्यक्त किया। आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है और उच्च स्तरीय जांच के लिए टीम गठित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई से लगातार संपर्क में थे।
रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में 26 अगस्त को प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मृतका के पिता के समर्थकों ने बीहर नदी के तट पर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। आंदोलनकारी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। समर्थकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, जल सत्याग्रह जारी रहेगा। यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
भोपाल में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने एक घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि आंदोलन के दौरान उन्हें कोई क्षति होती है, तो इसकी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह की होगी। राजपूत लंबे समय से पद वृद्धि की मांग कर रहे हैं, क्योंकि रिक्त पदों के मुकाबले कम पदों से योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
मध्य प्रदेश की उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) भर्ती 2023 में 8,721 पदों पर प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसमें से केवल 2,901 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है। शेष पात्र अभ्यर्थी 10 हजार अतिरिक्त पद बढ़ाने और द्वितीय काउंसलिंग की मांग को लेकर भोपाल में 21 दिन से अधिक समय से धरने पर हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि करीब 17 हजार पदों की आवश्यकता थी, लेकिन विभाग ने कम पद जारी किए। वे सरकार द्वारा दिए जा रहे कोर्ट केस के हवाले को पदवृद्धि से असंबद्ध बताते हैं और चार वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
भोपाल में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन शनिवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गया। राजगढ़ निवासी नरेंद्र राजपूत का निर्जल अनशन 9वें दिन जारी है, जिसके कारण उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वे बार-बार बेहोश हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। नरेंद्र राजपूत ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें कुछ होता है तो DPI आयुक्त, स्कूल शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री जिम्मेदार होंगे। प्रदर्शनकारी विपरीत मौसम और बारिश के बावजूद अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
भोपाल में अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण और नौकरी में स्थायित्व की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को समस्या समाधान के लिए समय दिया है। यदि 3 अक्टूबर तक ‘फॉलन आउट’ प्रक्रिया रोकने और नीति बनाने पर ठोस फैसला नहीं हुआ, तो 4 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू होगा। अतिथि विद्वानों ने मंत्री इंदर सिंह परमार के सुझाव पर ‘विद्वान जनता पार्टी’ बनाकर चुनाव लड़ने पर भी विचार करने की बात कही है। उच्च शिक्षा आयुक्त से मांगों पर चर्चा हुई है।
भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने रविवार से नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। यह आंदोलन शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने, प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना करने, तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की तीन प्रमुख मांगों को लेकर है। प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न संभागों के शिक्षक शामिल होंगे। मोर्चे ने मुख्यमंत्री से सीधी चर्चा की मांग की है, चेतावनी दी है कि समाधान न होने पर आंदोलन जारी रहेगा।
भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी नीलम पार्क में जारी रहा। आंदोलनरत शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा का बहिष्कार करने और फॉर्म न भरने का आह्वान किया है। उनकी प्रमुख मांगों में आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखना और अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है। मोर्चा पदाधिकारियों ने ठोस निर्णय न होने तक धरना जारी रखने की बात कही। इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार पर 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज बढ़कर कुल 5.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
अखिल भारतीय किसान सभा ने किसान श्रमिकों की मांगों को लेकर 10 अगस्त को देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया है। मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ में किसान गिरफ्तारी देंगे। यह आंदोलन अटल प्रोग्रेस वे के एलाइनमेंट में बदलाव, चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित करने और बंद पड़े शक्कर कारखाने को पूरी तरह से समाप्त करने के विरोध में किया जा रहा है। किसान नेता बादल सरोज आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। किसान इन मुद्दों पर अपनी मांगें उठा रहे हैं।