जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने छतरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग की कार्रवाई के बीच अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को फिलहाल सीएमएचओ कार्यालय में अपनी सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को चार सप्ताह में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। चंद्रभान सेन व अन्य की ओर से दायर याचिका में सेवाओं को आउटसोर्स किए जाने को चुनौती दी गई थी।
पन्ना जिले के पवई स्थित सांदीपनि विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य रामकृष्ण नगायच पर आउटसोर्स कर्मचारियों से खेत में मजदूरी कराने का आरोप है। सुरक्षा गार्ड और स्वीपर सहित लगभग छह कर्मचारियों की उपस्थिति विद्यालय में दर्ज थी, लेकिन उनसे खेत में काम लिया जा रहा था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम समीक्षा जैन ने जांच शुरू कराई है। प्रशासन की टीम ने कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्हें किसके आदेश पर खेत में भेजा गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।