रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर में वाहन निर्माणी जबलपुर (वीएफजे) में टी-सीरीज टैंक के ओवरहाल प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। यह ₹472 करोड़ की परियोजना टी-72 टैंकों के अपग्रेडेशन और आधुनिकीकरण पर केंद्रित है, जिससे सेना की मारक क्षमता बढ़ेगी। रक्षामंत्री ने बताया कि 2014 के ₹46,000 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू रक्षा उत्पादन ₹1.80 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परियोजना को जबलपुर और प्रदेश के गौरव में वृद्धि करने वाला बताया। वीएफजे प्रति वर्ष 80 टैंकों का ओवरहाल करेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में अस्थिरता व अनिश्चितता बढ़ी है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के लिए आर्थिक गतिविधि और सुरक्षा बढ़ाकर आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। जयशंकर ने कारोबार, आपूर्ति नेटवर्क, ऊर्जा सुरक्षा और पारदर्शी व्यापार को इस लक्ष्य के लिए अहम बताया। 12 सितंबर से शुरू होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इन्हीं आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सीमा पार भुगतान और राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग जैसे विषय शामिल होंगे।
जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री द्वारा निर्मित स्वदेशी धनुष तोप को और अधिक घातक बनाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सफलता के बाद, इसके आधुनिक संस्करण की पहली खेप में 12 तोपें तैयार की जा रही हैं, जबकि सेना को कुल 62 आधुनिक तोपें देने का लक्ष्य है। इसकी मारक क्षमता 38 से बढ़ाकर 44-46 किलोमीटर की जाएगी और यह 52 कैलिबर में होगी। तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाते हुए इजराइली चिप्स की जगह भेल निर्मित चिप्स का उपयोग किया जाएगा, जिसमें उन्नत तकनीकें शामिल होंगी। यह दूरी, सटीकता, तकनीक और स्वदेशीकरण के मोर्चों पर भारतीय सेना की क्षमता बढ़ाएगी।
उज्जैन के चार मॉडल पूरे मध्य प्रदेश की पंचायतों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। नरवर ग्राम पंचायत ने एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक का कर संग्रह कर स्व-राजस्व का नया मानक स्थापित किया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा व्यवस्था स्थापित की गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित कायथा टोल प्लाजा ने तीन वर्षों में 1.80 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। ‘प्रोजेक्ट स्वाध्याय’ के तहत नौ हजार विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण दिया गया है।
मुंबई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इन्वेस्टर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए ₹1,550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस निवेश से लगभग 3,600 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह 170 एकड़ का पार्क देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा, जहाँ अनुसंधान, डिजाइन, टेस्टिंग और विनिर्माण एक ही परिसर में होगा। मुख्यमंत्री ने पीथमपुर एसईजेड में फार्मास्यूटिकल प्लांट और सीहोर में ट्रांसफॉर्मर कंपोनेंट्स इकाई पर भी चर्चा की।