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चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब स्थिर, टीमें हाई अलर्ट पर

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। गुरुवार को नदी का जलस्तर 138.52 मीटर पर स्थिर रहा, जो खतरे के निशान के करीब है। आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू टीमें अभी भी हाई अलर्ट पर हैं। बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही बहाली का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है, जिसमें ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था शामिल है। अब तक 487 परिवारों के 2753 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां वितरित की गई हैं। कृषि विभाग दलहन और तिलहन फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।

सीहोर में उफनते नाले के बीच एसडीआरएफ ने नाव से प्रसूता को पहुंचाया अस्पताल

सीहोर जिले के जामनी गांव में भारी बारिश के कारण उफनते नाले ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया। ऐसे में एसडीआरएफ टीम ने नाव की मदद से एक प्रसूता को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय सीहोर में भर्ती कराया गया। यह घटना जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुई, जहाँ पिछले 24 घंटों में औसतन 3.96 इंच वर्षा दर्ज की गई। श्यामपुर तहसील में सर्वाधिक 8.27 इंच बारिश हुई। कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव से लोग परेशान हैं, जिस पर प्रशासन नजर रख रहा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ असम के शिवसागर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। नड्डा ने कहा कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और केंद्र असम के साथ खड़ा रहेगा। नजीरा की को-डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर प्रतिभा मेश्राम ने बताया कि 23 इलाके अभी भी प्रभावित हैं, 4-5 लोग लापता हैं और 26-27 मौतों की पुष्टि हुई है, हालांकि ये आंकड़े बदल सकते हैं।

पश्चिम बंगाल अम्फान राहत योजना में गंभीर अनियमितताएं: कैग रिपोर्ट में खुलासा

कैग की रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल की पूर्व सरकार की चक्रवात अम्फान राहत योजना में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में नुकसान के आकलन को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने, राहत वितरण में गड़बड़ियों और लाभार्थियों की सूची में दोहराव जैसी खामियां सामने आईं। प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल मनीष कुमार ने बताया कि कैग ने राज्य सरकार को छह प्रमुख सिफारिशें दी हैं। कैग ऑडिट टीम ने राज्य सरकार के दावों का सत्यापन करने के लिए मौके पर जांच करने और कार्रवाई रिपोर्ट का सत्यापन करने की बात कही है।