सागा ग्रुप द्वारा निवेश के नाम पर मध्य प्रदेश में 2 लाख से अधिक लोगों से 492 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा की जांच में पता चला है कि समूह के प्रबंध निदेशक समीर अग्रवाल ने 10 कंपनियां बनाकर देशभर में 30 लाख लोगों से ठगी की है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय भी मामले की जांच कर रहे हैं। ईडी ने हाल ही में 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर, नकदी और ज्वेलरी जब्त की थी। समीर अग्रवाल देश छोड़कर जा चुका है, जिसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बालाघाट पुलिस ने व्यापारियों और आम लोगों को चार गुना राशि का लालच देकर ठगने वाले तीन आरोपियों आर्यन (23), लकेश चचाने (27) और अंकित पांडे (26) को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नोटों के ऐसे बंडल दिखाते थे जिनमें ऊपर-नीचे असली नोट और अंदर कोरे कागज होते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो बाइक, चार मोबाइल फोन, नकदी और नोटों के बंडल जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 3.17 लाख रुपये है। यह धोखाधड़ी मई माह से बालाघाट में चल रही थी।
बड़वानी के सेंधवा में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कारोबारी अशोक तायल और उनके परिवार के ठिकानों पर बुधवार को छापामार कार्रवाई की। ईडी की टीमें तायल के घर, मकान और राजराजेश्वर जिनिंग फैक्ट्री पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की पुष्टि की, हालांकि इसका आधिकारिक कारण अभी अज्ञात है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला करोड़ों रुपए के लोन से संबंधित हो सकता है। उल्लेखनीय है कि आठ महीने पहले सीबीआई ने नाबार्ड बैंक भोपाल से जुड़े 13 करोड़ रुपए के कथित लोन धोखाधड़ी मामले में भी तायल बंधुओं के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसमें उन पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप थे।
मंडला में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को वन विभाग के बाबू श्वेतांक चौरसिया के घर पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर छापा मारा। 14 सदस्यीय टीम को प्रारंभिक जांच में 50 लाख रुपये की दुकान, 5 लाख रुपये नकद, चार किलो चांदी, 200 ग्राम सोने के आभूषण और तीन चारपहिया वाहन मिले। श्वेतांक चौरसिया की 20 साल की नौकरी में वैध आय लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। ईओडब्ल्यू की गुप्त प्रारंभिक जांच में आय से करीब 300 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई थी।
भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड की सिहोरा शाखा के छह संगम मैनेजरों पर जबलपुर में ₹25.44 लाख के गबन का आरोप है। सिहोरा थाना पुलिस ने शाखा प्रबंधक गोविंद रजक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपितों ने महिला समूहों से ऋण की किश्तें और प्री-पेमेंट के रूप में वसूली गई राशि बैंक में जमा करने के बजाय निजी उपयोग में ली। कृष्णकांत पांडेय, सौरभ सेन, अतुल बैरागी, आकाश सिंह गौंड, पवन कुशवाहा और बृजेश सिंह पर यह आरोप है। जांच में प्रत्येक आरोपित द्वारा गबन की गई राशि का विवरण भी सामने आया है।
ग्वालियर में चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय और रतलाम निवासी हैंडलर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। अंकित अपना नेटवर्क बिहार के पटना से संचालित करता था। जगदीश मालवीय के खाते में ठगी के 50 लाख रुपये पहुंचे थे, जो चंद मिनटों में छह राज्यों के 100 से अधिक बैंक खातों में स्थानांतरित हो गए। पुलिस नेटवर्क से जुड़े लोगों और बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच जारी है।
ग्वालियर के कारोबारी ओमप्रकाश कुकरेजा से मुंबई के फिल्म निदेशक मुरली लालवानी ने भोजपुरी फिल्म बनाने के नाम पर 12.9 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। वर्ष 2020 में मुरली ने ‘रामबाबू-श्यामबाबू’ नामक फिल्म बनाने का प्रस्ताव दिया था और कम लागत व अधिक मुनाफे का लालच देकर ओमप्रकाश से 12.9 लाख रुपये ले लिए। कोरोना काल के कारण काम रुकने के बाद, 2023 में ओमप्रकाश ने दोबारा फिल्म शुरू करने को कहा और एक अनुबंध भी हुआ। हालांकि, शूटिंग नहीं हुई और रुपये वापस मांगने पर मुरली ने ओमप्रकाश को बदनाम करना शुरू कर दिया।
जबलपुर में सौ करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार आरटीओ विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने ईडी की जांच पूरी होने, चालान पेश होने, आरोप तय होने और आरोपी के 16 माह से न्यायिक हिरासत में होने तथा सुनवाई में लगने वाले समय को आधार बनाया। इससे पूर्व हाईकोर्ट दो बार उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुका था। ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए इसे गंभीर आर्थिक अपराध बताया था, लेकिन अदालत ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर की।
मध्य प्रदेश के करोड़ों के फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच अब भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तक पहुंच गई है। एसआईटी ने एफसीआई बालाघाट के सहायक ग्रेड-एक सुरेंद्र सूर्यवंशी और संचेती राइस मिल के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। दोनों को पांच अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सूर्यवंशी पर राइस मिल संचालकों और एथनाल प्लांट के बीच चावल की हेराफेरी में मध्यस्थता करने और पैसों के लेनदेन का जिम्मा संभालने का आरोप है। इस मामले में कुल 17 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि चार फरार हैं।
मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जहाँ एक वर्ष में 600 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी दर्ज की गई है। इन अपराधों की जांच के लिए साइबर पुलिस के पास केवल 300 कर्मी हैं, जिनमें आईटी एक्ट के तहत विवेचना के लिए केवल 19 निरीक्षक अधिकृत हैं। आरोपितों का अंतरराज्यीय नेटवर्क और पहचान छिपाने की प्रवृत्ति जांच को जटिल बनाती है। संसाधनों की कमी और अलग कैडर न होने के कारण जांच में देरी होती है, जबकि पिछले चार वर्षों में ठगी की राशि में 1100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।