जबलपुर को देश के प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने के लिए लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये के सड़क कॉरिडोर की योजना पर कार्य किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, इस योजना में जबलपुर को वाराणसी, नागपुर, भोपाल-इंदौर, रायपुर, सागर-कोटा और खंडवा से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड व फोरलेन मार्गों को निर्माणाधीन रिंग रोड से एकीकृत किया जाएगा। इससे जबलपुर उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा के यातायात का प्रमुख केंद्र बनेगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के माध्यम से कई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर निर्भरता कम होगी।
जबलपुर, विकसित भारत विजन-2047 के तहत उत्तर-दक्षिण भारत का एक प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब बनने की ओर अग्रसर है। वाराणसी-नागपुर कॉरिडोर के मजबूत होने से यह शहर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बड़े बाजारों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। यह सड़क नेटवर्क उत्तर भारत से दक्षिण और पश्चिम के बाजारों तक माल की तीव्र आवाजाही सुनिश्चित करेगा, जिसमें नागपुर से मुंबई तक 701 किलोमीटर लंबा समृद्धि महामार्ग भी शामिल है। इससे कृषि, उद्योग, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे जबलपुर के आर्थिक भूगोल में बड़ा बदलाव आएगा।
नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम की शुरुआत हो गई है, जिसमें सदस्य देशों के कारोबारी और सरकारों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष जय श्रॉफ ने ब्रिक्स को केवल बड़े बाजारों का समूह न मानकर एक आर्थिक नेटवर्क बताया, जहां सदस्य देशों की ताकत एक-दूसरे को मजबूत कर सके। उन्होंने भारत की अध्यक्षता में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को प्रमुख प्राथमिकताएं बताया। मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें व्यापार, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए 9,850 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह परियोजना भोपाल से वाराणसी की यात्रा को मात्र आठ घंटे में पूरा करेगी, जिससे यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी। इसके अतिरिक्त, सतना से सागर की दूरी भी केवल तीन घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे स्थानीय व्यापार और दैनिक यात्रियों को लाभ मिलेगा। बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।