मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ के अंतर्गत प्रदेश में 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही 180 से अधिक बस स्टैंड का कायाकल्प होगा। 11-12 सितंबर को इंदौर में होने वाली समिट में परिवहन व्यवस्था पर मंथन होगा, जिसमें स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर दिया जाएगा। बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए उन्हें सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है।
राजधानी भोपाल में 10 दिन के ट्रायल के बाद गुरुवार से नई एयर कंडीशनंड इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो गया। पहले दिन दो रूटों पर चलीं 10 ई-बसों में 2 हजार से अधिक यात्रियों ने सफर किया, जिससे भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) को 25 हजार रुपए से ज्यादा का राजस्व मिला। किराया लो-फ्लोर बसों के बराबर रखा गया है। पहले चरण में भोपाल को 100 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं, जिनमें से 21 बसें बैरागढ़ डिपो पहुंच चुकी हैं। यात्रियों ने शोर रहित और आरामदायक एसी सफर का अनुभव किया।