मध्य प्रदेश गारमेंट सेक्टर में प्रगति कर रहा है, धार जिले में पीएम मित्र पार्क पर काम शुरू हो गया है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन में यूनिटी मॉल अगले माह तक पूरा होगा, जहाँ देशभर के उत्पाद उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हथकरघा सप्ताह में ये घोषणाएं कीं और ‘मृगनयनी डॉट कॉम’ तथा ‘ओडीओपी मार्ट एमपी’ ई-कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र के तहत उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा रहा है।
उज्जैन देश की ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमी’ का नया मॉडल बनने की ओर अग्रसर है। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार की 18 हजार करोड़ की विकास योजनाएं सिंहस्थ-2028 को अगले कई दशकों की अर्थव्यवस्था की बुनियाद बना रही हैं। इन योजनाओं में नए घाट, पुल, जल प्रदाय, सीवरेज नेटवर्क, यूनिटी मॉल और मेडिकल कॉलेज जैसे स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण शामिल है। महाकाल महालोक के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि से स्थानीय व्यापार में तेजी आई है, और अब सिंहस्थ की तैयारी इसे स्थायी आर्थिक ढांचे में बदल रही है।
उज्जैन के चार मॉडल पूरे मध्य प्रदेश की पंचायतों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। नरवर ग्राम पंचायत ने एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक का कर संग्रह कर स्व-राजस्व का नया मानक स्थापित किया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा व्यवस्था स्थापित की गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित कायथा टोल प्लाजा ने तीन वर्षों में 1.80 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। ‘प्रोजेक्ट स्वाध्याय’ के तहत नौ हजार विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण दिया गया है।
उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर तक पहुंचने के लिए 10वां नया मार्ग तैयार किया जा रहा है। पुराने महाकाल थाना भवन को तोड़कर प्राचीन महाकाल द्वार से सटाकर बन रहा यह मार्ग हरसिद्धपाल-चौबीसखंभा माता मंदिर मार्ग को सीधे मंदिर से जोड़ेगा। यह मार्ग सामान्य दिनों में आवागमन और भीड़भाड़ वाले अवसरों पर एक्जिट के लिए उपयोग होगा। पिछले एक दशक में मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों की संख्या 5-6 से बढ़कर 10 हो गई है। पर्यटन विभाग के सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल को भी इससे सीधा पहुंच मिलेगी।
उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता टीवीएस ने 300 एकड़ भूमि की मांग कर बड़े निवेश में रुचि दिखाई है। कंपनी एमपीआईडीसी से विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए यह भूमि चाहती है। यह प्रस्ताव उद्योगपुरी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे उज्जैन प्रदेश के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में और मजबूत होगा। उद्योगपुरी में अब तक 115 उद्यमियों को भूखंड आवंटित हुए हैं और 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सामाजिक अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क का भी तेजी से विकास हो रहा है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
इंदौर से उज्जैन के बीच बन रहा छह लेन मार्ग सिंहस्थ मेले के शुरू होने से लगभग एक साल पहले पूरा हो जाएगा। 48 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से इंदौर से उज्जैन का सफर मात्र 40 मिनट में तय हो सकेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह माह पहले इसका भूमिपूजन किया था। सिंहस्थ मेले के दौरान यातायात के अत्यधिक दबाव को देखते हुए इस सड़क को छह लेन बनाया जा रहा है। वाहन चालकों के लिए ग्रीन कॉरिडोर और देवास होते हुए वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहेंगे, जिस पर टोल टैक्स देय होगा।
उज्जैन को भगवान श्रीकृष्ण की वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण इंदौर रोड पर शिप्रा नदी के तट पर 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की ‘विश्वरूप’ स्वरूप मूर्ति स्थापित करेगा। इस पर थ्रीडी प्रोजेक्शन शो भी आयोजित होगा, जिसके लिए 220 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ है। यह परियोजना धार्मिक, सांस्कृतिक और नाइट टूरिज्म को नया आयाम देगी, साथ ही महाकाल लोक और सांदीपनि आश्रम को जोड़कर एक धार्मिक-पर्यटन सर्किट का हिस्सा बनेगी। इसका डिजाइन प्रसिद्ध आर्किटेक्ट डॉ. अनिल राम सुतार तैयार कर रहे हैं।