मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और छह बार विधायक रहे पारस जैन का 77 वर्ष की आयु में इंदौर में निधन हो गया। वे कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और तीन दिन पहले उन्होंने संथारा लिया था। उनके निधन पर भाजपा नेताओं और समर्थकों ने दुख व्यक्त किया। उनके मित्रों और सहयोगियों ने उनकी सादगी, समय की पाबंदी और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के कई किस्से साझा किए, जिनमें बिना घोड़ी के बारात लेकर निकलना और मंत्री रहते हुए भी एक्टिवा का उपयोग करना शामिल है।
मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पारस जैन का इंदौर के अस्पताल में कैंसर के इलाज के दौरान निधन हो गया। वे उज्जैन उत्तर विधानसभा से छह बार विधायक रहे और शिवराज मंत्रिमंडल में वन, स्कूल शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति व ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। उज्जैन में 20 जून 1950 को जन्मे जैन ने 1990 में पहली बार विधायक पद संभाला था। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।