केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत मध्य प्रदेश की 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सिंगरौली सहित पांच एयरपोर्ट बनाने की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया एवं शहडोल हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में बदलने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। ‘उड़ान’ योजना को वर्ष 2036 तक विस्तारित किया गया है। पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा ने 170 से अधिक रोगियों को लाभ पहुंचाया है, जिसमें 99 प्रतिशत की जान बची।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत खंडवा की नागचून हवाई पट्टी को मिनी एयरपोर्ट में विकसित करने का निर्णय लिया है। यह हवाई पट्टी सिंगरौली सहित प्रथम चरण में शामिल पांच जिलों की हवाई पट्टियों में से एक है जिसका उन्नयन किया जाएगा। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इसके नवीनीकरण और सुंदरीकरण के लिए ज्ञापन सौंपा था। इस विकास से खंडवा में व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलने की उम्मीद है, हालांकि रनवे की लंबाई और हाईटेंशन लाइनों जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं।
मध्य प्रदेश में चार नई विमान सेवाओं का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के राजा भोज विमानतल से भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के लिए सीधी उड़ानों का उद्घाटन किया। भोपाल-रीवा के लिए एक नई उड़ान भी शुरू की गई। ये सेवाएं मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने प्रदेश में हवाई सेवाओं के विकास की सराहना की। अगले दो माह में भोपाल से शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शुरू होगी।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर रीवा-कोलकाता और रीवा-भोपाल (72 सीटर) विमान सेवाओं के 9 अगस्त से शुरू होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया। ये नई सेवाएँ विंध्य क्षेत्र में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और निवेश को गति देंगी। मंत्री नायडू ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट, जो उड़ान योजना के तहत विकसित हुआ है, क्षेत्र के विकास का मजबूत आधार बन चुका है और यह नई सेवाएँ पूर्वी भारत सहित अन्य शहरों से कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी।