महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पालघर में 1.05 लाख रुपये का संदिग्ध चिक जब्त किया, जो बिना लेबल और अस्वास्थ्यकर स्थितियों में ले जाया जा रहा था। कोल्हापुर में 18 हजार रुपये का पनीर और श्रीखंड तथा पुणे में 23,400 रुपये का खराब मावा भी जब्त किया गया। इन मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, ठाणे जिले के डोम्बिवली में चार साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में 85 वर्षीय पड़ोसी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।
मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक सेठ ने मुंबई के एक लग्जरी 5-स्टार होटल में साफ-सफाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि डिनर के दौरान उनकी मेज पर एक जिंदा कॉकरोच मिला, जिससे उनकी भूख खत्म हो गई और उन्हें खाना छोड़कर जाना पड़ा। डॉ. सेठ ने यह घटना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, जिसमें उन्होंने JW मैरियट, सहार के रोमांसो रेस्टोरेंट का जिक्र किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकराम मुंढे को टैग किया, जो खाद्य सुरक्षा कानूनों को लागू करने में अपनी सख्त ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति के लिए जाने जाते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात की तर्ज पर ‘एनालॉग पनीर’ के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नकली-मिलावटी एनालॉग पनीर की शिकायतों और होटलों में इसके इस्तेमाल के मद्देनजर यह प्रस्ताव तैयार किया है। जांच में पाया गया कि विक्रेता ग्राहकों को झांसा देकर शुद्ध दूध के पनीर की जगह सस्ते एनालॉग पनीर का उपयोग कर रहे थे। प्रस्ताव को अब संबंधित मंत्री की सहमति के लिए भेजा गया है, जिसके बाद प्रतिबंध लागू होगा।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई के एक होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित करने का एफडीए का आदेश रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि केवल दो कीड़े मिलने के आधार पर इतनी कड़ी कार्रवाई अनुचित है। कोर्ट ने महाराष्ट्र एफडीए को भारत के संदर्भ में यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया। पार्क इन बाय रेडिसन होटल का लाइसेंस स्वच्छता संबंधी खामियों के कारण निलंबित किया गया था। अदालत ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए होटल का लाइसेंस तुरंत बहाल करने और एफडीए को अन्य सरकारी भोजनालयों का भी निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों में बेहतर खान-पान को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों के अंदर और 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री, मुफ्त वितरण और प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे ने घोषणा की कि यह नियम राज्य के 1.08 लाख स्कूलों और 2 करोड़ छात्रों पर लागू होगा, जिसमें वड़ा पाव, समोसा, चिप्स जैसे खाद्य पदार्थ प्रतिबंधित हैं। यह ‘सुरक्षित भोजन-सुरक्षित महाराष्ट्र’ अभियान का हिस्सा है। स्कूलों को खाद्य सुरक्षा सूचना बोर्ड लगाने, पर्यवेक्षक नियुक्त करने और ‘ईट राइट स्कूल’ अभियान लागू करने होंगे।