एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन में सरकार की भूमिका तथा आयोग के निर्णयों में बहुमत प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाया। ओवैसी ने एसआईआर को बैकडोर एनआरसी बताया और परिवार रजिस्टर व ऑनलाइन प्रक्रिया की व्यवहार्यता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आयोग से बहुमत से लिए गए फैसलों का ब्योरा मांगा और कहा कि दो सदस्यों के असहमति नोट से निर्णयों की वैधता पर सवाल उठता है। उन्होंने एसआईआर के कारण गरीबों पर पड़े बोझ और अंतिम सूची से बाहर हुए लोगों के भविष्य को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
भारत निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना और ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नया कार्यक्रम जारी किया है। तेलंगाना में यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 को आधार तारीख मानकर की जाएगी, जिसमें मसौदा सूची 17 अगस्त 2026 को जारी होगी और दावे-आपत्तियां 16 सितंबर 2026 तक दर्ज की जा सकेंगी। ओडिशा में 1 जुलाई 2026 को आधार तारीख माना गया है, जहां दावे-आपत्तियां 19 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी और अंतिम मतदाता सूची 21 सितंबर 2026 को जारी होगी। आयोग ने दोनों राज्यों के अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।