ग्वालियर किले पर स्थित गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ में गुरुवार को तीन दिवसीय उत्सव अखंड पाठ के साथ प्रारंभ हुआ। इस दौरान सचखंड साहिब अमृतसर के हजूरी रागी और कथा वाचकों ने संगत को निहाल किया। अमृतसर से लगभग 800 किलोमीटर की दूरी तय कर बुधवार को जलालपुर पहुंची शबद चौकी कीर्तन यात्रा गुरुवार सुबह फूलबाग गुरुद्वारा होते हुए दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारा पहुंची। सिख संगत और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। शुक्रवार को यात्रा दुर्ग के परकोटे और किले की बाहरी परिक्रमा करेगी, जबकि शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या पर भी परिक्रमा का आयोजन होगा।