भाजपा की मध्य प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ओरछा में 14 साल बाद आयोजित हुई, जिसमें 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों पर मंथन हुआ। बैठक का मुख्य फोकस यूथ को साधकर बूथ मजबूत करने, बुंदेलखंड के विकास को सुनिश्चित करने और नई पीढ़ी को पार्टी संगठन से जोड़ने पर रहा। केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कांग्रेस के विरोध की निंदा की गई। संगठनात्मक विषयों के साथ महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों के कल्याण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
केन-बेतवा लिंक परियोजना का मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में प्रभावित परिवारों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इन परिवारों का आरोप है कि पुनर्वास, मुआवजा और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में खामियां हैं। राज्य सरकार का दावा है कि विरोध सीमित है और प्रभावितों को नियमों के तहत आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह परियोजना बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को सिंचाई और पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 44,605 करोड़ रुपये है। परियोजना से 10.