सिवनी जिले के कामता प्राथमिक व माध्यमिक शाला में मध्याह्न भोजन में इल्ली मिलने से विद्यार्थियों ने खाना छोड़ दिया। अभिभावकों में भारी आक्रोश है और उन्होंने स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी दी है। रागिनी स्व-सहायता समूह पर मध्याह्न भोजन वितरण का आरोप है। शिक्षा विभाग ने प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट जिला पंचायत को भेजी है, जो समूह के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेगी।
मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग के एक विशेष अभियान के तहत सावन के महीने में दूध, घी, पनीर और मावे जैसे खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर मिलावट का खुलासा हुआ है। प्रदेशभर से लिए गए 2,605 कानूनी नमूनों में से अब तक 680 की जांच रिपोर्ट मिली है, जिनमें 73 नमूने अमानक और 25 असुरक्षित पाए गए हैं। अभियान के दौरान 44,407 लीटर दूध और दूध से बने उत्पाद जब्त किए गए, साथ ही कई घी ब्रांडों में पाम ऑयल और वेजिटेबल फैट की मिलावट पाई गई है। विभाग ने 18 लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन रद्द किए और 172 नोटिस जारी किए हैं।
एफडीए ने नवी मुंबई में खाद्य पैकेजिंग धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है, जहां एम/एस साधना इंटरप्राइजेज में नामी कंपनियों के एक्सपायरी खाद्य उत्पादों को नए लेबल लगाकर बेचा जा रहा था। 24 से 29 अगस्त के बीच तुर्भे इलाके में हुई कार्रवाई में ₹76.51 लाख से अधिक का सामान जब्त किया गया। पुराने निर्माण और एक्सपायरी डेट मिटाकर नई तारीखें छापी जा रही थीं। इस प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया गया है। एफडीए ने स्वच्छता खामियों के चलते अकोला के ब्लिंकिट और मुंबई के रेस्टोरेंट के लाइसेंस भी निलंबित किए हैं, जहाँ गंदे नालों के पास खाद्य सामग्री और कॉकरोच पाए गए थे।
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पालघर में 1.05 लाख रुपये का संदिग्ध चिक जब्त किया, जो बिना लेबल और अस्वास्थ्यकर स्थितियों में ले जाया जा रहा था। कोल्हापुर में 18 हजार रुपये का पनीर और श्रीखंड तथा पुणे में 23,400 रुपये का खराब मावा भी जब्त किया गया। इन मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, ठाणे जिले के डोम्बिवली में चार साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में 85 वर्षीय पड़ोसी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।
सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय धर्माश्री में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू के उल्लंघन पर नाराजगी जताई। बुधवार को औचक निरीक्षण में कमियां मिलने के बाद मध्याह्न भोजन प्रदाता आकांक्षा सेवा समिति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। समिति से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मध्याह्न भोजन प्रदाय का अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ कार्यालय को नस्ती भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। समिति पर शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।
मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक सेठ ने मुंबई के एक लग्जरी 5-स्टार होटल में साफ-सफाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि डिनर के दौरान उनकी मेज पर एक जिंदा कॉकरोच मिला, जिससे उनकी भूख खत्म हो गई और उन्हें खाना छोड़कर जाना पड़ा। डॉ. सेठ ने यह घटना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, जिसमें उन्होंने JW मैरियट, सहार के रोमांसो रेस्टोरेंट का जिक्र किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकराम मुंढे को टैग किया, जो खाद्य सुरक्षा कानूनों को लागू करने में अपनी सख्त ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति के लिए जाने जाते हैं।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने इंदौर में खाद्य तेलों में मिलावट रोकने और गुणवत्ता जांचने के लिए अभियान चलाया। बुधवार को मल्हारगंज स्थित श्याम एंड श्याम आयल्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम से लगभग 10,500 लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 21 लाख रुपये है। प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस नहीं मिला। यहां से सोना सिक्का मूंगफली तेल और कच्ची घानी सरसों तेल के नौ नमूने लिए गए। सियागंज स्थित शंकर महादेव ट्रेडर्स से प्रीमियम रिफाइंड ग्राउंडनट आयल और गुलाब कोल्ड प्रेस्ड ग्राउंडनट आयल के दो नमूने लिए गए।
भोपाल में मध्य प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन परिसर में सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला तैयार हो गई है। केंद्र सरकार के नेशनल प्रोग्राम फार डेयरी डेवलपमेंट (एनपीडीडी) के तहत निर्मित इस प्रयोगशाला के लिए 12.40 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है और यह जल्द ही जांच के लिए शुरू होगी। प्रयोगशाला में दूध और दुग्ध उत्पादों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी, जिसमें पेस्टिसाइड्स, एंटीबायोटिक्स और अन्य मिलावट शामिल है। इसका उद्देश्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना और खाद्य सुरक्षा मानकों को प्रभावी बनाना है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में इंदौर शहर में बिक रहे पैक्ड घी के 96 सैंपलों में से 28 फेल पाए गए, जिनमें 24 असुरक्षित और 4 निम्न-स्तर के थे। असुरक्षित सैंपलों में से 10 में स्वीकार्य सीमा से 5 से 10.5 गुना तक अधिक सीसा मिला। लगभग 17 हजार लीटर असुरक्षित घी का स्टॉक चिह्नित किया गया, जिसमें से 15-20% बाजार में पहुंच चुका था। विभाग ने कंपनियों को बैच वापस बुलाने के पत्र भेजे हैं और अन्य राज्यों को भी सूचित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है, जिसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने शासकीय तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता को बाधा नहीं बनने देने के संबंध में जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए और किसी को वंचित या रिवर्ट न किया जाए।