इंदौर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों के बावजूद सड़क हादसों में मौतों की संख्या में कमी नहीं आई है। यातायात पुलिस ने 1 जनवरी से 20 अगस्त तक हेलमेट के 1.73 लाख से अधिक चालान किए, लेकिन सीट बेल्ट और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती कम रही। सड़कों पर इंजीनियरिंग खामियां, मार्किंग और संकेतक भी ठीक नहीं हुए हैं। न्यायमूर्ति सप्रे ने हादसों में कमी को मूल्यांकन का आधार बताया था, और आज इंदौर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना रोकथाम पर चर्चा होगी।
इंदौर में लगभग 75 हजार वाहन बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के चल रहे हैं। इन वाहनों की नंबर प्लेट कैमरा सिस्टम में सर्च न होने के कारण ऑनलाइन चालान प्रक्रिया में बाधा आ रही है, जिसका फायदा उठाकर कुछ चालक यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इंदौर जिले में 2019 से पहले पंजीकृत 13 लाख से अधिक वाहनों में एचएसआरपी लगाई जानी थी। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि एचएसआरपी के बिना ट्रांसफर व अन्य कार्यालयीन आवेदन प्रक्रिया नहीं होती है। एचएसआरपी चोरी रोकने, फर्जी नंबर प्लेट पर अंकुश लगाने और ऑनलाइन चालान में सुविधा प्रदान करती है।
मध्य प्रदेश पुलिस ने सड़कों पर हूटर, अवैध बत्ती, फर्जी शासकीय स्टीकर और काली फिल्म का उपयोग करने वालों के खिलाफ 1 अगस्त से 10 अगस्त तक एक विशेष जांच अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है, जिसमें गलत नंबर प्लेट और मोटर वाहन अधिनियम के अन्य उल्लंघनों पर भी कार्रवाई होगी। 2017 में लागू हुए वीआईपी कल्चर पर प्रतिबंध के बावजूद हो रहे उल्लंघन को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। सभी पुलिस अधीक्षकों को दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व मॉडल त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच में मंगलवार को अहम प्रगति हुई। आरोपित गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने न्यायालय में अपने वॉयस सैंपल जमा किए, जिससे वैज्ञानिक जांच का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह कार्रवाई न्यायालय के पिछली सुनवाई के निर्देशों के बाद हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इन सैंपलों के आधार पर आगे की वैज्ञानिक प्रक्रिया पूरी करेगी। कोर्ट ने सीबीआई को 11 अगस्त तक मामले में चालान पेश करने का निर्देश दिया है, और अगली सुनवाई भी इसी तारीख को तय की गई है। सभी की नजरें अब आगामी जांच कार्रवाई और चालान में सामने आने वाले तथ्यों पर हैं।
भिंड शहर में सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनोज कुमार गोयल के नेतृत्व में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दो घंटे के अभियान में 60 से अधिक वाहनों के चालान किए गए और लगभग डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। स्कूल बसों में पैनिक बटन बंद, स्पीड गवर्नर न होना और महिला अटेंडर की अनुपस्थिति जैसी कई सुरक्षा खामियां पाई गईं। चार पहिया और दोपहिया वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की गई। अभियान के दौरान एक दूल्हे की कार का भी चालान किया गया, जिसके दस्तावेज पूरे नहीं थे। अधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की बात कही है।
प्रदेश में अवैध हूटर लगाकर वीआईपी रुतबा दिखाने के खिलाफ यातायात पुलिस ने बीते ढाई साल में 1 हजार से अधिक चालान काटे हैं। इंदौर में सर्वाधिक 255 से अधिक और भोपाल में 141 चालान दर्ज हुए। मुरैना में 100 से अधिक और भिंड में 92 चालान कटे, जबकि टीकमगढ़ में कोई मामला नहीं आया। 1 लाख रुपये से अधिक की चालान राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं हो पाई है, जिसमें देवास और इंदौर के आंकड़े शामिल हैं। हूटर का उपयोग केवल अधिकृत आपातकालीन वाहनों को ही अनुमत है।