मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर मालवा में नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों ने कभी दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ा और अब उत्तर प्रदेश से आगे वायनाड पहुंच गए हैं। डॉ. यादव ने राहुल गांधी को “पप्पू” कहते हुए उनके ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की आलोचना की और उनसे पिछली कांग्रेस सरकारों की डकैती व नक्सलवाद रोकने में विफलता के लिए माफी मांगने को कहा। उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा डकैतों और नक्सलियों के सफाया का दावा किया और कांग्रेस पर न्यायपालिका व सेना पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी में आंतरिक उथल-पुथल का दौर जारी है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भतीजी दीपिका आनंद बसपा के मिशन को आगे बढ़ाएंगी, जिससे पार्टी के भविष्य को लेकर नई चर्चाएँ छिड़ गई हैं। इन घटनाक्रमों के मद्देनजर, बसपा के गठन, उत्तराधिकार, उत्थान और चुनौतियों पर ‘सियासी दलों का सफरनामा’ नामक एक विशेष श्रृंखला शुरू की गई है, जिसकी पहली कड़ी में पार्टी के विचार से अस्तित्व तक की कहानी प्रस्तुत की जाएगी।
श्री गहोई वैश्य समाज बृहत्तर (रजि.) के चुनाव 20 सितंबर रविवार को ग्वालियर स्थित जैन छात्रावास हॉस्पिटल पर होंगे। समाज की 15 पंचायतों के 4,154 मतदाता नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। मतदान 8 बूथों और 6 काउंटरों पर होगा, जिसके नतीजे देर रात 12 बजे तक आने की संभावना है। कुल 9 प्रमुख पदों के लिए 27 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें अध्यक्ष और महामंत्री पद पर चार-चार उम्मीदवार शामिल हैं। निर्वाचन अधिकारियों ने निष्पक्ष मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं; मतदाताओं को मूल पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा।
इंदौर में 19 सितंबर को राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम की तैयारियों के बावजूद, सुबह ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर दिखाई दिए, स्वागत रूट में बदलाव हुआ, भीड़ की क्षमता पर विवाद रहा और अनुमति में कई शर्तें थीं। कांग्रेस ने प्रशासनिक दिक्कतों को राजनीतिक मुद्दा बताया, जबकि भाजपा ने आरोपों को खारिज किया। इन बाधाओं के बावजूद, कांग्रेस ने रणनीति बदलकर कार्यक्रम को रद्द नहीं किया। राहुल गांधी के देर से पहुंचने के बावजूद, छात्र संवाद सफलतापूर्वक पूरा हुआ और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वानों ने अपने राजनीतिक संगठन ‘विद्वान जनता पार्टी’ (VJP) का एजेंडा जारी किया है। इसमें अतिथि विद्वानों, अतिथि शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित 15 प्रमुख वादे शामिल हैं। पार्टी ने पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में भागीदारी देने और भाई-भतीजावाद खत्म करने पर जोर दिया है। VJP का चुनाव चिह्न ‘सफेद कमल का फूल’ है और डॉ. आरके सिंह इसके संस्थापक हैं। पार्टी 30 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू करेगी। अतिथि विद्वानों ने सरकार को उनकी मांगों पर 3 अक्टूबर तक फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा 4 अक्टूबर से आंदोलन का अगला चरण शुरू होगा।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करेंगे। 80 वर्ष की आयु में वे 930 किलोमीटर की यह पैदल यात्रा अयोध्या तक 65-70 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखते हैं। यात्रा के दौरान वे सनातन धर्म की अपनी परिभाषा, राम मंदिर के चंदे-चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, RSS-VHP और भाजपा की भूमिका जैसे मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने अयोध्या पहुंचकर आरोपों को लेकर याचिका दायर करने की बात भी कही है।
आज तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में छह सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान हो रहे हैं। इनमें असम की नगांव लोकसभा सीट और पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु व पुदुचेरी की पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं। नंदीग्राम, रेजीनगर, मदुरंतकम, धारापुरम और थट्टांचावडी सीटों पर विभिन्न कारणों से उपचुनाव हो रहे हैं, जैसे इस्तीफे या मुख्यमंत्री द्वारा सीट छोड़ना। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने नगांव को भाजपा का पारंपरिक गढ़ न बताते हुए अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या पर प्रकाश डाला। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में नाम छूट गए पात्र व्यक्तियों को दोबारा नाम जोड़ने का अवसर दिया है। यह सुविधा फॉर्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन या बीएलओ के संपर्क से उपलब्ध है। पश्चिम बंगाल चुनाव विवादों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के बीच यह फैसला आया है। आयोग ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या हटाए गए मतदाताओं की एएसडीडी सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई है। बीएलओ घर-घर जाकर पहचान करेंगे और राजनीतिक दल भी प्रक्रिया में शामिल होंगे। हालांकि, फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के बयानों में विरोधाभास सामने आया है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को भोपाल में होगी। इसका मुख्य एजेंडा संगठन सृजन और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना है। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी कार्यों की समीक्षा करेंगे। बैठक में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार सहित कई सदस्य शामिल होंगे। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अस्वस्थता के कारण, जबकि दिग्विजय सिंह और अरुण यादव विदेश में होने के चलते अनुपस्थित रहेंगे। दतिया चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस की गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा की चुनावी रणनीति की कमियों को उजागर किया है। पार्टी ने सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने के लिए बड़े नेताओं और मंत्रियों को मैदान में उतारा, लेकिन इसके बावजूद छह में से केवल दो मंडलों में ही बढ़त बना सकी, जबकि चार मंडलों में कांग्रेस आगे रही। नगर मंडल में भाजपा को 5,604 मतों से बड़ी हार मिली। परिणाम संकेत देते हैं कि स्थानीय संगठन की पकड़, बूथ कमेटियों की सक्रियता और स्थानीय मुद्दे बड़े नेताओं की मौजूदगी से अधिक प्रभावी साबित हुए।