कटनी के जिला न्यायालय ने कुठला थाना क्षेत्र के एक बहुचर्चित मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित सहयोगी क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीषा जैन तिवारी की अदालत ने 25 सितंबर तक गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। इन पर भ्रष्टाचार, हत्या के आरोपितों को बचाने की साजिश और करोड़ों की जमीन को कम दाम में हड़पने का आरोप है। तीनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ में भी मामला विचाराधीन है।
जबलपुर हाईकोर्ट ने एक हत्या के मामले में करीब 17 साल तक आरोपी रहे मड़ियादो क्षेत्र के तीन भाइयों को बरी कर दिया है। अदालत ने जांच और अभियोजन पर सवाल उठाए। इस दौरान एक भाई की मौत हो गई, जबकि दो अन्य भाई दिल्ली में मजदूरी कर रहे हैं। परिवार ने लगभग दस साल जेल में बिताए और मुकदमे के कारण जमीन-जायदाद बेचनी पड़ी। परिवार को कानूनी राहत मिली है, लेकिन 17 वर्षों के नुकसान की भरपाई मुश्किल है।
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जबलपुर हाईकोर्ट से 18 माह बाद जमानत मिल गई है। उन्हें फरवरी 2025 में गिरफ्तार किया गया था। सौरभ शर्मा पर ईडी, आयकर, लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और भोपाल पुलिस सहित पांच एजेंसियां कई मामले दर्ज कर जांच कर रही हैं। उन पर अवैध कमाई और अधिकारियों को अपने इशारे पर चलाने के आरोप हैं। एक इनोवा कार से 52 किलोग्राम सोने के बिस्किट और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। अदालत ने जांच पूरी होने और लंबे ट्रायल की संभावना के कारण जमानत दी है, लेकिन उन्हें हर सुनवाई में उपस्थित रहना होगा।
मध्य प्रदेश में जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह के भीतर फसल क्षतिपूर्ति मुआवजे के लिए एक औपचारिक गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया है, यह कहते हुए कि आर्थिक बोझ केवल किसानों पर नहीं डाला जा सकता। यह मामला 2018 से लंबित एक जनहित याचिका से जुड़ा है। अदालत ने छत्तीसगढ़ के ‘हाथी मित्र’ ऐप और तमिलनाडु के ‘अलर्ट सिस्टम’ जैसे सफल मॉडलों का अध्ययन करने का सुझाव दिया, ताकि किसानों की फसल और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रहें। इसके अतिरिक्त, हाईकोर्ट ने भोपाल मेट्रो मुआवजे पर सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।