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बाणसागर डैम के गेट खुले: मैहर प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

बाणसागर डैम के गेट खुलने के बाद मैहर जिले में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका पर नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। रामनगर, अमरपाटन और मुकुंदपुर की ग्राम पंचायतों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से नदी-नालों और जलस्रोतों से दूर रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा आपात स्थिति में प्रशासन को सूचित करने का आग्रह किया गया है। एसडीएम, तहसीलदार और पटवारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

चित्रकूट में मंदाकिनी इंटेकवेल के पास सड़ा कुत्ता मिला, पेयजल शुद्धता पर उठे सवाल

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी से कर्वी नगर को पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन इंटेकवेल से 50 मीटर दूर एक सड़ा हुआ कुत्ता मिलने से नदी में गंदगी और सीवर के पानी के आरोपों ने पेयजल की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके विरोध में सत्याग्रही अभिमन्यु सिंह ने साथियों के साथ जल सत्याग्रह और आमरण अनशन शुरू किया। प्रशासन के आश्वासन पर सत्याग्रह समाप्त हो गया। एसडीएम सदर अजय कुमार ने आंदोलनकारियों से वार्ता के बाद समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया है।

फरक्का जल संधि का नवीनीकरण न हो: राज्यसभा में जदयू सांसद संजय झा

जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने गुरुवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार से भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि का नवीनीकरण न करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही 1996 की इस संधि से बिहार की जल सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ा है। झा ने गंगा बेसिन पर निर्भर सभी राज्यों, विशेषकर बिहार की वर्ष 2050 तक की जल जरूरतों का वैज्ञानिक आकलन कर एक नई जल साझेदारी व्यवस्था बनाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि नवीनीकरण से राज्य के दीर्घकालिक विकास और लाखों लोगों की आजीविका पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

विदिशा: स्कूली बच्चे जान जोखिम में डाल बेतवा नदी के स्टाप डैम से स्कूल जा रहे

विदिशा के ग्राम पलोह में स्कूली बच्चे बेतवा नदी के स्टाप डैम को पार कर जान जोखिम में डाल स्कूल जा रहे हैं। इसका एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ है। यह रास्ता सड़क मार्ग से पांच किलोमीटर दूर होने के बजाय एक किलोमीटर से कम पड़ता है, जिससे बच्चे लंबा चक्कर बचाने के लिए इसे अपनाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में यह रास्ता खतरनाक हो जाता है और शहर से संपर्क टूट जाता है। सरपंच अमरसिंह ठाकुर ने पिछले साल भी ऐसे ही एक वीडियो के बाद बच्चों को इस रास्ते से बचने की सलाह दिए जाने की जानकारी दी।