मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत संगठनात्मक पुनर्गठन के पहले चरण की समीक्षा पूरी हो गई है। दतिया उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस 11 अगस्त को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की बैठक में समीक्षा रिपोर्ट पेश करेगी। इस बैठक में 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर मंथन होगा। केंद्रीय नेतृत्व ने जिला प्रभारियों के कार्यों की सराहना की है, हालांकि अभी किसी जिले की अंतिम ग्रेडिंग नहीं हुई है। अगले तीन माह के कामकाज के आधार पर जिलों को ए, बी, सी व डी श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा।
दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने प्रदेश संगठनों में बड़े बदलाव कर रही हैं। कांग्रेस ने आठ जिला अध्यक्षों को हटाने और 253 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन करने की तैयारी की है, क्योंकि कई सदस्य निष्क्रिय पाए गए हैं। वहीं, भाजपा भी कमजोर प्रदर्शन, चावल घोटाले और संगठनात्मक कार्यों में अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण 12 जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर सकती है। दतिया उपचुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस महासचिव नियुक्त किया गया है।
मध्य प्रदेश में पिछले वर्ष अगस्त में नियुक्त किए गए जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रदर्शन की केंद्रीय स्तर पर समीक्षा शुरू हो गई है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अगुवाई में यह बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश संगठन की कार्यप्रणाली का आकलन किया जाएगा। जिलाध्यक्षों को ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। कमजोर प्रदर्शन करने वाले ‘डी’ श्रेणी के लगभग दस जिलाध्यक्षों को पद से हटाया जा सकता है, जबकि ‘सी’ श्रेणी वालों को सुधार का अंतिम अवसर मिलेगा।