मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने और 24-25 सितंबर को तेज बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में इसका अधिक असर रहेगा, साथ ही भोपाल और नर्मदापुरम में भी बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार, निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से लगभग 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में अब तक 33.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 6% कम है। मानसून की विदाई से पहले यह बारिश मौजूदा आंकड़ों में सुधार ला सकती है।
मध्य प्रदेश में इस सीजन अब तक औसत से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे 55 में से 43 जिले प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में साढ़े तीन इंच कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से राज्य में भारी बारिश नहीं हुई है। हालांकि, उत्तरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण और एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आगामी दिनों में तेज बारिश की उम्मीद है। बुधवार को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से बारिश का दायरा बढ़ा है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 17 जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम में नारंगी चेतावनी स्तर शामिल है। ये प्रणालियां दो अगस्त तक सक्रिय रह सकती हैं। बुधवार को बालाघाट और ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे कुछ स्थानों पर आवागमन बाधित हुआ। हालांकि, प्रदेश में मानसून का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य से 16 प्रतिशत कम है, जिसमें 47 जिले पीछे हैं। जुलाई के अंतिम दिनों की बारिश इस कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।