BREAKING NEWS

Latest News

जबलपुर में जब्त रेत बेचने की चुनौती, मंडला के ठेकेदार से संपर्क

जबलपुर में रेत के अवैध परिवहन और विवादों के कारण उत्पन्न नए संकट के बीच, जिला प्रशासन ने हाल ही में हुई एक हत्या के बाद निगरानी कड़ी कर दी है। इससे 400 से अधिक हाइवा रेत जब्त की गई है, जो अब शहपुरा और पाटन में रखी है। इसकी सुरक्षा और बिक्री एक चुनौती बन गई है, क्योंकि चोरी की खबरें भी आ रही हैं। खनिज विभाग जब्त रेत को वैध ठेकेदारों को बेचने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए मंडला के एक ठेकेदार से संपर्क किया गया है, हालांकि अभी तक उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जिले में रेत ठेके भी कई बार असफल रहे हैं, जिससे अवैध उत्खनन बढ़ रहा है और ठेकेदार डर के मारे पीछे हट रहे हैं।

एमपी-यूडीसी ने जाली बैंक गारंटी पर दिया 6.57 करोड़ का ठेका, गुजरात की कंपनी पर FIR दर्ज

मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपी-यूडीसी) ने सूरत की इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्रा.लि. को जाली बैंक गारंटी के आधार पर 6.57 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। काम पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन में बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा जारी की गई आठों बैंक गारंटी फर्जी पाई गईं। एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक सौरभ तिवारी ने भोपाल के एमपी नगर थाने में कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन कंपनी संचालकों के मोबाइल नंबर बंद मिले हैं।

मुरैना में सीवरलाइन पाइप से दबकर चार साल की बच्ची की मौत, ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप

मुरैना शहर की सिंगल बस्ती में सोमवार सुबह सीवरलाइन के एक पाइप से दबकर चार साल की बच्ची अंशिका उर्फ अंशू की मौत हो गई। बच्ची घर के बाहर सड़क किनारे रखे पाइप पर खेलते हुए बैठ गई थी, जिसके लुढ़कने से वह उसके नीचे दब गई। जब तक उसे निकाला गया, उसने दम तोड़ दिया था। कोतवाली पुलिस ने मर्ग का प्रकरण दर्ज किया है। परिजनों ने सड़क निर्माण करवा रहे ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि ठेकेदार ने पाइप हटाने की बात नहीं मानी थी और उसे रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया था।

इंदौर में 15 करोड़ के लोन के झांसे में सड़क ठेकेदार से 1.45 करोड़ की ठगी

इंदौर में सड़क ठेकेदार पीयूष गुर्जर को 15 करोड़ रुपये के कमर्शियल लोन के प्रयास में 1.45 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा। साइबर ठगों ने खुद को प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर अग्रिम ब्याज, प्रोसेसिंग फीस आदि के नाम पर पैसे वसूले। बाद में उन्होंने लोन नहीं दिया और फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस ने शब्बीर अहमद सहित कई संदिग्धों के नाम पर जांच शुरू की है, जिसमें गिरोह के एक्टर और नेताओं से संबंध का भी खुलासा हुआ है।