मध्य प्रदेश में नीट यूजी-2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग के लिए चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा कॉलेजों की आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) द्वारा मंगलवार को जारी इस सूची में प्रदेश के कुल 47 सरकारी और निजी संस्थान शामिल हैं। एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 20 सरकारी और 15 निजी मेडिकल कॉलेज भाग ले रहे हैं, जिनमें गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल, एमजीएम इंदौर सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। वहीं, बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए एक सरकारी और 11 निजी डेंटल कॉलेज काउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। यह सूची नीट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को चॉइस फिलिंग में सहायता प्रदान करेगी।
मध्य प्रदेश में नीट यूजी 2026-27 की राज्य स्तरीय संयुक्त काउंसलिंग के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने सरकारी स्कूल कोटा के तहत नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, कक्षा 6 से 12 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययन का प्रमाण और मूल अंकपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित दस्तावेज न दिखाने पर सीट रद्द हो सकती है। प्रदेश में कुल 4900 एमबीबीएस सीटें हैं, जिनमें से लगभग 245 सीटें सरकारी स्कूल कोटे के लिए आरक्षित हैं। पहले दौर की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 13 अगस्त तक चलेगा, और सीट आवंटन परिणाम 20 अगस्त को जारी होगा।
इस सत्र से गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) में एमबीबीएस की 250 सीटों पर प्रवेश होगा, जिसके लिए कॉलेज प्रशासन ने काउंसिलिंग की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेडिकल काउंसिल कमेटी (एमसीसी) ने ऑल इंडिया कोटे के अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया आसान करते हुए अपग्रेडेशन का विकल्प ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। अब छात्रों को इसके लिए कॉलेज नहीं आना होगा। वहीं, मध्यप्रदेश में इस सत्र के लिए प्रस्तावित मेडिकल प्रवेश के नए नियम और निजी कॉलेजों में 30-35% मैनेजमेंट कोटा लागू नहीं होंगे। एनआरआई पात्रता में बदलाव भी टाले गए हैं।