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इंदौर की JNNURM मल्टियों में प्लास्टर उखड़ा, दीवारों में दरारें; मरम्मत की मांग

इंदौर में बड़ा बांगड़दा और नैनोद स्थित JNNURM मल्टियों की बदहाल स्थिति को लेकर लहूजी शक्ति सेना मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अनिल साठे ने नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। इन मल्टियों में लगभग 2,012 फ्लैट हैं, जहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं, जिनमें 700 से अधिक नगर निगम मस्टर कर्मचारी और 800 से अधिक स्वच्छताकर्मी शामिल हैं। इमारतों में प्लास्टर उखड़ने, दीवारों में दरारें और क्षतिग्रस्त रेलिंग जैसी समस्याएँ हैं, जिनके मरम्मत की मांग की गई है। पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है।

भास्कर समाधान के माध्यम से ड्रेनेज लाइन समस्या का समाधान, पार्षद संध्या यादव बनीं ‘पब्लिक स्टार’

दैनिक भास्कर ऐप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट इंदौर में जनसमस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से नागरिक सीधे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक अपनी शिकायतें पहुंचाते हैं। वार्ड 6 में पार्षद संध्या यादव ने कमलकुमार जैन की ड्रेनेज लाइन की समस्या का समाधान कराया, जिसके लिए उन्हें ‘पब्लिक स्टार’ घोषित किया गया। वार्ड 39 में झलारिया रोड पर वर्षों से अधूरी सड़क का निर्माण भी इसी प्लेटफॉर्म के जरिए संभव हुआ। वहीं, शिव कंठ नगर, लिम्बोदी, द्वारकाधीश कॉलोनी और संवाद नगर में नाली के पानी, कचरा, अधूरी खुदाई और गार्डन रखरखाव जैसी कई शिकायतें अभी भी लंबित हैं।

भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार व्यापारी महासंघ का बुधवार को बंद, सड़क पर उतरेंगे व्यापारी

भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार व्यापारी महासंघ ने बुधवार को बंद का आह्वान किया है। व्यापारी दुकानें बंद कर सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। अब तक 170 प्रतिष्ठान सील किए जा चुके हैं, जिस पर व्यापारी विरोध जता रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि निगम सिर्फ छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में राज्य सरकार की जांच समिति पर रोक लगा दी थी और हाईकोर्ट के राहत आदेश निरस्त कर दिए थे। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को है, जिसमें निगम को रिपोर्ट पेश करनी है।

भोपाल जीआईएस फाउंटेन घोटाले की दूसरी जांच में भी खामियां; लोकायुक्त तक नहीं पहुंची रिपोर्ट

भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान लगाए गए 19 फाउंटेन में गड़बड़ियों की दूसरी जांच में भी खामियां सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट में फाउंटेन की मोटर क्षमता और लगाए गए सामान की कीमत की जांच नहीं की गई, जबकि 1.73 करोड़ रुपये के प्राक्कलन तैयार किए गए थे। नगर निगम ने यह रिपोर्ट तीन महीने पहले नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी थी, लेकिन यह अभी तक लोकायुक्त तक नहीं पहुंची है। लोकायुक्त ने पहली जांच पर आपत्ति जताई थी, जिसमें आरोपी अधीक्षण यंत्री ने खुद को क्लीनचिट दी थी।

भोपाल में सीलिंग कार्रवाई पर कानूनी पेच, एसीएस-निगमायुक्त दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल से मिले

भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई कानूनी पेच में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और संभावित अवमानना कार्रवाई के बीच अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सॉलिसिटर जनरल से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों और कानूनी राह पर चर्चा की। व्यापारियों के विरोध के कारण कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ी है। निगम को 15 सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी है, जबकि व्यापारी मास्टर प्लान और नियमितीकरण जैसे विकल्पों से समाधान मांग रहे हैं।

इंदौर वार्ड 60 पार्षद सुनेहरा अंसाफ अंी का निर्वाचन शून्य घोषित करने वाले जिला कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक, उपचुनाव भी स्थगित

मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने वार्ड 60 की पार्षद सुनेहरा अंसाफ अंी का निर्वाचन शून्य घोषित करने वाले जिला कोर्ट के 17 जुलाई 2026 के आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संदीप एन भट्ट ने निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की घोषणा पर भी रोक लगाई। सुनेहरा अंी ने 2022 के नगर निगम चुनाव में लगभग पांच हजार मतों से जीत हासिल की थी, जिसे इफ्तेखार (मुन्ना) अंी ने गलत नो-ड्यूज प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने और भ्रामक प्रचार के आरोपों के साथ चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने अंी के अंतरिम आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि बिना व्यक्तिगत गलती के निर्वाचित प्रतिनिधि को हटाना मतदाताओं के साथ अन्याय है।

इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर चुनौती याचिका पर सुनवाई, सरकार वीडियो प्रेजेंटेशन देगी

इंदौर में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर गुरुवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। शासन ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से यातायात समस्या के समाधान का दावा किया, जिस पर न्यायालय ने 21 सितंबर तक सुनवाई बढ़ा दी। याचिकाकर्ता इंजीनियर अतुल शेठ ने कॉरिडोर के लिए तकनीकी सर्वे न होने का आरोप लगाया। वहीं, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण किया और पानी की समस्या पर अधिकारियों को दो दिन में पाइपलाइन सुधारने के निर्देश दिए। महाकाल लोक तक 91 करोड़ रुपये की 650 मीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल भी बनेगी, जिससे यातायात में सुधार होगा।

इंदौर में सफाई मित्रों के अवकाश पर जनप्रतिनिधियों, अफसरों, रहवासियों ने उठाई झाड़ू

इंदौर में गोगानवमी के अवसर पर आठ हजार से अधिक सफाईकर्मियों के सामूहिक अवकाश पर रहने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम रहवासियों ने स्वयं झाड़ू उठाकर शहर की सड़कों, गली-मोहल्लों और बाजारों को साफ किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एनजीओ कार्यकर्ताओं के साथ राजवाड़ा में सफाई की, जिसे ‘स्वच्छताग्रही अभियान’ नाम दिया गया। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और 56 दुकान के व्यापारियों ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे इंदौर की स्वच्छता एक बार फिर साबित हुई।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में ग्वालियर दो पायदान लुढ़का, 30वें स्थान पर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में ग्वालियर दो पायदान लुढ़ककर 30वें स्थान पर आ गया है, जिसे 157 अंक मिले हैं। पिछले वर्ष शहर 28वें स्थान पर था। प्रदूषण के दिनों की संख्या अधिक होने और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार न होने को गिरावट का मुख्य कारण बताया गया है, खासकर जर्जर सड़कों से उड़ती धूल के कारण। 100 करोड़ रुपये से अधिक के प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के बावजूद यह गिरावट हुई है, जिससे नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत मिलने वाले अनुदान में भी नुकसान की संभावना है।

इंदौर 311 एप पर अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ 21 सुधारों के लिए आवेदन संभव

इंदौर नगर निगम ने अपने इंदौर 311 ऐप पर संपत्तिकर संबंधी नई ऑनलाइन सुविधाएं शुरू की हैं। अब नागरिक घर बैठे संपत्तिकर दावे-आपत्ति दर्ज कर सकते हैं, अपनी संपत्ति का स्वयं मूल्यांकन कर सकते हैं और संपत्तिकर खाते में सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऐप में शिकायत एवं आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी शिकायतों की स्थिति जान सकेंगे। प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी 21 प्रकार के सुधारों के लिए अब निगम कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।