छतरपुर जिले के लवकुश नगर में 23 अगस्त को एक महिला ने 4 हाथ और 4 पैर वाले नवजात को जन्म दिया। लगभग 3 किलोग्राम वजन वाले इस शिशु की स्थिति गंभीर है। बेहतर उपचार के लिए इसे खजुराहो से एयरलिफ्ट कर जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया है। विशेषज्ञों की टीम उपचार में जुटी है, जिसने इसे ‘कंजॉइन्ड ट्विन्स’ का बेहद दुर्लभ मामला बताया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गर्भ में दो बच्चे पल रहे थे, लेकिन शुरुआती विकास में वे पूरी तरह अलग नहीं हो पाए, जिससे यह असाधारण शारीरिक संरचना बनी।
सागर के बरायठा थाना क्षेत्र में एक माह के मासूम बाबू आदिवासी की हत्या के आरोप में उसके पिता अजय आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे पिता ने बच्चे के सिर पर डंडे से वार किया था, जिसके बाद वह फरार हो गया। गंभीर हालत में बच्चे को बीएमसी सागर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) अस्पताल में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से पांच दिन के एक नवजात शिशु की मौत हो गई। यह आग सोमवार देर रात करीब 11:50 बजे लगी थी। हालांकि, दमकलकर्मियों और अस्पताल कर्मचारियों ने वार्ड में भर्ती 28 अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है, और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बालाघाट जिले के वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम नांदगांव (गोपीटोला) में गोबर के गड्ढे से एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ है। आरोप है कि अविवाहित बेटी के नवजात बेटे को सामाजिक बदनामी के डर से उसके नाना ने दफनाया। नवजात की गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। मामले का खुलासा होने पर आरोपी नाना ने कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना 31 जुलाई की रात की बताई जा रही है।
टीकमगढ़ के बड़ागांव कॉमन सर्विस सेंटर से रेफर होने के बाद एक गर्भवती महिला आधी रात को बिना बताए चुपचाप निकल गई। अस्पताल से लगभग एक किलोमीटर दूर सड़क पर ही महिला ने शिशु को जन्म दिया। सुबह जानकारी मिलने पर अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और जच्चा-बच्चा को वापस बड़ागांव अस्पताल में भर्ती कराया। प्रारंभिक जांच में महिला में खून की कमी पाई गई थी, जिसके कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। फिलहाल, मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।