जबलपुर हाई कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह ने देहदान और ₹1.01 करोड़ के दान का संकल्प लिया है। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में देहदान के लिए पंजीकरण कराया, ताकि उनकी देह मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन में काम आ सके। न्यायमूर्ति सिंह ने अपने जीपीएफ से ₹1.01 करोड़ प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा भी की। उनका यह समर्पण समारोह में मौजूद लोगों को भीतर तक छू गया और उनके व्यक्तित्व के संवेदनशील पक्ष को उजागर किया। उन्होंने अपनी न्यायिक यात्रा में मिले सहयोग के लिए कर्मचारियों और अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।
मध्य प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में 8 और 9 अगस्त को इंदौर में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के 50 से अधिक न्यायाधीश न्याय व्यवस्था की चुनौतियों पर मंथन कर रहे हैं। 16 जुलाई 2026 तक मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लगभग 4.90 लाख मुकदमे लंबित हैं, जिनमें 24,938 मामले 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं। हाई कोर्ट में 53 स्वीकृत न्यायाधीश पदों में से लगभग 11 पद खाली हैं। सम्मेलन में तकनीक और सुधारों के साथ-साथ न्यायाधीशों की कमी और लंबित मामलों के वास्तविक अनुपात पर विचार की उम्मीद है ताकि न्यायपालिका को आधुनिक और पर्याप्त बनाया जा सके।