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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी अनिवार्यता पर जल्द सकारात्मक निर्णय के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीपीसीटी के कारण किसी पात्र कर्मचारी को पदोन्नति के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और पदोन्नति के बाद रिवर्ट करने की स्थिति भी नहीं बननी चाहिए। मुख्यमंत्री के इस निर्णय का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन के महासचिव उमाशंकर तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। यह मुद्दा तब उठा जब सीपीसीटी की अनिवार्यता के कारण कई पदोन्नति प्रक्रियाएं रुक गईं और कुछ आदेश निरस्त कर दिए गए थे।

मंत्रालय सेवा संघ ने अगली डीपीसी में अर्हताकारी सेवा नियम में पूर्ण छूट का आग्रह किया

मध्य प्रदेश में 10 साल बाद हुई पदोन्नति प्रक्रिया का पहला चरण पूरा होने के बाद, मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने आगामी डीपीसी में अर्हताकारी सेवा नियम में पूर्ण छूट की मांग की है। संघ ने सितंबर 2026 और जनवरी 2027 में प्रस्तावित डीपीसी के लिए यह अनुरोध किया है, ताकि नियमों में विसंगति के कारण प्रभावित हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को न्याय मिल सके। संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए सभी पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों को एक बार के लिए अगली पदोन्नति के विचारण क्षेत्र में शामिल करने का आग्रह किया है।