मध्य प्रदेश में लगभग दो दशक बाद सरकारी बस परिवहन व्यवस्था का पुनर्गठन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 25 सितंबर को होगा। यह ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा’ पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी और इसका उद्देश्य डेटा, तकनीक तथा निजी भागीदारी के माध्यम से संचालन, निगरानी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में इसकी घोषणा की थी। योजना के तहत प्रदेश के 55 जिलों में 1036 रूट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें इंदौर से 23 रूट शामिल हैं। इसमें इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, यात्री सुरक्षा और ग्रीन मोबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआइसीटीएसएल) इंदौर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें पीपीपी मोड पर संचालित करने की योजना बना रही है। इस ई-पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम के लिए टेंडर जारी किए गए हैं, जो जल्द ही खोले जाएंगे। यह पहल शहर में प्रदूषण कम करने, ट्रैफिक समस्या से निपटने और नागरिकों को यात्रा की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। ई-साइकिलें स्वचालित प्रणाली के तहत उपलब्ध होंगी और इनका किराया टेंडर मिलने के बाद तय किया जाएगा। यह योजना बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन और व्यावसायिक केंद्रों जैसे प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध होगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11-12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह समिट सार्वजनिक परिवहन की दिशा बदलने और आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। इसमें मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 पर संबोधन देंगे और पीपीपी की भूमिका पर विचार रखेंगे। समिट में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विशेषज्ञ और उद्योग जगत के नेता नवाचार, डिजिटल तकनीकों और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन में परिवर्तन पर मंथन करेंगे।