बालाघाट के किरनापुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस मारपीट के आरोपों से घिरी सावित्री बाई चौधरी का गर्भपात हो गया है। परिवार का आरोप है कि पुलिस द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों और अमानवीय व्यवहार के कारण महिला शारीरिक व मानसिक रूप से टूट गई, जिससे यह घटना हुई। कैलाश चौधरी ने बताया कि शादी के छह साल बाद यह पहली गर्भावस्था थी, जिससे परिवार में खुशी थी जो अब मातम में बदल गई है। मरार समाज के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर कावरे ने मुख्यमंत्री से भ्रूण हत्या का अपराध दर्ज करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
खुरई के तेवरी गांव में 19 जुलाई को एक युवक सुरेंद्र अहिरवार ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने उसकी पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जिसमें पत्नी की प्रताड़ना का जिक्र था। पिता रामशाह अहिरवार के अनुसार, पत्नी ने एक अनजान व्यक्ति के साथ घर आकर मारपीट की, अलमारी तोड़कर जेवर व नकदी ले ली, जिससे आहत होकर सुरेंद्र ने यह कदम उठाया।
ब्यावरा में एक 25 वर्षीय विवाहिता पिंकी ने अपने पति चंदन अहिरवार और ससुर चुन्नीलाल अहिरवार पर दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी मोटरसाइकिल की मांग करते थे। विवाहिता ने यह भी आरोप लगाया है कि 12 जुलाई को उसके पति ने उसे जान से मारने की धमकी दी और बेटियों के साथ घर छोड़ने को कहा। महिला अपनी बेटियों के साथ मायके मधुसूदनगढ़ चली गई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।