मंदसौर में एनएसयूआई ने प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर गुरुवार दोपहर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़कर कार्यालय के गेट के बाहर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और गृह मंत्री अमित शाह के पुतले जलाए, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इस दौरान एक कार्यकर्ता घायल हो गया। एनएसयूआई नेताओं ने उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद चुनाव न कराने पर सरकार की आलोचना की और आंदोलन जारी रखने की बात कही।
उज्जैन के माधव कॉलेज में गणेश प्रतिमा के रहस्यमयी ढंग से गायब होने पर छात्रों ने प्राचार्य डॉ. कल्पना सिंह के कक्ष में अनोखा प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्राचार्य की मेज पर लड्डू रखकर आरती की और उन पर प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन पर एबीवीपी का समर्थन करने और आम छात्रों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए प्राचार्य से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। प्राचार्य ने बिना अनुमति प्रवेश और अमर्यादित व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उज्जैन में शाही मस्जिद तोड़ने के दौरान हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने कुल 8 एफआईआर दर्ज कर 20 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं, जिन पर रील्स बनाकर लोगों को उकसाने का आरोप है। पुलिस ने दूसरे शहरों से आए कुछ लोगों को भी अशांति फैलाने की कोशिश के आरोप में पकड़ा है। इस घटनाक्रम से पहले एक हफ्ते से मस्जिद बचाने की मुहिम सोशल मीडिया पर चल रही थी। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मुस्लिम कमेटी ने स्वयं मस्जिद तोड़ने का फैसला लिया है, और सड़क चौड़ीकरण के लिए 3.5 फीट हिस्सा हटाने पर पहले ही सहमति बन चुकी थी।
झाबुआ के कल्याणपुरा में शासकीय पट्टे की जमीन पर हुए खूनी संघर्ष के बाद आदिवासी समाज ने सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड्स हटा दिए, जिससे एसडीओपी कमलेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। कलेक्टर की अनुपस्थिति पर विधायक की एसडीएम से तीखी बहस हुई। अंत में एडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
भोपाल में नर्सिंग छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब तीन छात्र अपनी मांगों को लेकर एक खाली बिल्डिंग पर चढ़ गए। उनकी मुख्य मांग नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लंबित रिजल्ट तत्काल जारी करना था। पुलिस ने छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारा। नर्सिंग छात्रों के संगठन एनएसओ ने 8 अगस्त से यह धरना शुरू किया है, जिसमें शैक्षणिक सत्र के प्रभावित होने और भविष्य की अनिश्चितता को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
सीहोर जिले के किसानों ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर सोमवार को अनूठा प्रदर्शन किया। छोटी कुलांस में किसानों ने उफनती कुलांस नदी किनारे और पानी में डूबे खेतों में पेड़ों पर बिजली कंपनी के अधिकारियों के पुतले और बैनर टांगकर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि झूलते तारों और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की लंबित मांग के बावजूद उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ है। ढाबला, रामाखेड़ी सहित कई गांवों के किसानों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह प्रतीकात्मक विरोध किया, क्योंकि कुलांस नदी भोपाल के बड़े तालाब में मिलती है।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक 22 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी को गुरुवार को हिरासत में लिया गया। युवक ने बच्ची को स्कूल से अपने साथ चलने को कहा था। आठ घंटे की तलाश के बाद बच्ची का शव जंगल में मिला। स्निफर डॉग की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। स्थानीय लोगों ने आरोपी को मौत की सजा और घर गिराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
भोपाल में माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) परिसर में D.El.Ed अंतिम वर्ष के परिणाम में देरी के विरोध में लगभग 300 अभ्यर्थियों का तीन दिवसीय शांतिपूर्ण धरना जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी आज ही परिणाम घोषित करने और समय पर अंकसूची उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य चिंता यह है कि 10 अगस्त से शुरू होने वाले प्राथमिक शिक्षक भर्ती के दस्तावेज सत्यापन में D.El.Ed अंकसूची के बिना वे शामिल नहीं हो पाएंगे, जिससे 10,000 पदों की भर्ती प्रक्रिया में उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई सांसदों ने मकर द्वार के सामने तख्तियां लेकर “चंदा चोर, गद्दी छोड़” और “अमित शाह जवाब दो” जैसे नारे लगाए। उन्होंने दान पेटियों का प्रतीकात्मक इस्तेमाल किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए। इंडिया गठबंधन की रणनीति के तहत यह प्रदर्शन किया गया, जिससे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में किया गया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री से संसद में घटना पर बयान देने और जवाबदेही तय करने की मांग की। शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।