प्रदेश में ग्रामीण आबादी की परिसंपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री के लिए गुरुवार से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना शुरू हो गई है। इस योजना के तहत लगभग 3,800 करोड़ रुपये का रजिस्ट्री शुल्क माफ किया गया है, जिससे 50 लाख से अधिक परिसंपत्तियों को लाभ मिलेगा। पंचायत स्तर पर एक माह में तीन विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनकी निगरानी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा की जाएगी। पटवारियों की आशंकाओं पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्वासन दिया है कि विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी सरकार की होगी।