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रीवा कलेक्टर ने कार्यक्रम में पहुंचे जिस बस में सफर किया, उसे ही बिना फिटनेस-परमिट के सीज करवाया

रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने गुढ़ में ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास’ कार्यक्रम में जिस बस से पहुंचे थे, उसे ही सीज करवा दिया। तिवारी बस सर्विस की इस बस में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और बीमा के कागजात नहीं थे, और उसकी स्थिति भी खराब थी। कार्यक्रम के बाद कलेक्टर ने परिवहन विभाग और एसडीएम से जांच करवाई। अनियमितता की पुष्टि होने पर बस को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया गया और आरटीओ को फिटनेस रद्द करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी बस संचालकों को नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है।

भोपाल में 16 नए उपनगरीय बस रूट तय, निगम सीमा का बंधन खत्म

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) ने मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रा लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) के तहत 16 नए उपनगरीय बस रूटों के लिए टेंडर जारी किए हैं। इससे भोपाल के सीमावर्ती गांव सीहोर, रायसेन और मंडीदीप तक सीधी बस सेवा से जुड़ेंगे। बसों को उपनगरीय दर्जा मिलने से नगर निगम सीमा का कानूनी बंधन समाप्त हो गया है, जिससे वे अब निगम सीमा के बाहर भी जा सकेंगी। निजी ऑपरेटर बसों का संचालन करेंगे, जबकि किराया और निगरानी पर शासन का नियंत्रण रहेगा। संचालन दिसंबर अंत या नए साल 2027 से शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें 100 से 150 बसें उतारी जाएंगी।

विदिशा में बस किराया विवाद: कंडक्टर पर छात्रों से बदसलूकी और बस से उतारने का आरोप

विदिशा में बस किराया बढ़ने पर पीएम श्री शासकीय विद्यालय आनंदपुर के छात्रों और पाटीदार बस के कंडक्टर के बीच बुधवार को विवाद हो गया। छात्रों ने कंडक्टर पर बदसलूकी करने और उन्हें बस से नीचे उतारने का आरोप लगाते हुए आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शाम को दोबारा विवाद होने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। थाना प्रभारी ने बस मालिक और कंडक्टर से बात कर छात्रों से पुराना पांच रुपये किराया ही लेने का समाधान निकाला और उन्हें अपने वाहन से घर पहुंचाया।

मध्य प्रदेश सरकार ने 15 साल पुरानी बसों के परमिट और नए पंजीयन पर निर्णय हेतु समिति गठित की

मध्य प्रदेश सरकार ने बस और वाहन मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों और बस ओनर्स एसोसिएशन के सदस्यों की एक समिति गठित की है। यह समिति सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत प्रस्तावित मार्गों पर पहले से चल रही बसों को समायोजित करने, नए वाहनों के पंजीयन को सुनिश्चित करने और 15 वर्ष पुराने वाहनों को परमिट देने के संबंध में अपना अभिमत देगी। समिति को अपनी रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद मंत्रियों की समिति की अनुशंसा पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

जबलपुर में आज से बढ़ा बस किराया, परिवहन विभाग ने जारी की अधिसूचना

जबलपुर में परिवहन विभाग द्वारा बस किराए में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी होने के बाद शुक्रवार, 7 अगस्त से नई दरें लागू हो गई हैं। प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से बढ़कर 2 रुपये हो गया है, जबकि न्यूनतम किराया 7 से 10 रुपये हो गया है। अधिकांश रूटों पर 20 से 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश बस एसोसिएशन ने अपनी प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित कर दी है। परिवहन मंत्री के साथ चार दौर की चर्चा के बाद सात सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया, जिससे प्रदेशभर में बस संचालन सामान्य रहेगा।

इंदौर से चलने वाली सामान्य बसों का किराया बढ़ा, परिवहन विभाग ने जारी की नई सूची

परिवहन विभाग ने इंदौर से चलने वाली सामान्य बसों की नई किराया सूची जारी की है, जो 5 अगस्त से प्रभावी हो गई है। लगभग 5 साल बाद बढ़ाए गए किराये के तहत, इंदौर से महू का किराया 46 रुपए, देवास का 74 रुपए और उज्जैन का 112 रुपए होगा। आरटीओ ने ऑपरेटरों को तय किराया लेने और यात्रियों को अधिक किराया वसूलने पर शिकायत करने को कहा है। बस ऑपरेटरों ने बढ़ती लागत के कारण किराया वृद्धि को आवश्यक बताया है, हालांकि इससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

मध्य प्रदेश में 7 अगस्त की रात से बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, नई परिवहन नीति का विरोध

मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार की नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल से जबलपुर से संचालित होने वाली 500 से अधिक बसों सहित प्रदेशभर की सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे मंडला, भोपाल, इंदौर जैसे विभिन्न जिलों के यात्रियों को असुविधा होगी। बस संचालकों का कहना है कि यह नीति निजी बस व्यवसाय को समाप्त कर देगी और हजारों रोजगारों पर संकट खड़ा करेगी। उनकी प्रमुख मांगों में नीति की वापसी और बस किराए में वृद्धि शामिल है।

जबलपुर में यात्री किराया 20 से 100 प्रतिशत तक बढ़ेगा

जबलपुर और आसपास के उपनगरीय मार्गों पर यात्री किराए में 20 से 100 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। परिवहन विभाग की नई दरों के अनुसार, सामान्य बसों में न्यूनतम किराया 7 रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो जाएगा, जबकि पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर प्रति किलोमीटर दर 1.25 रुपये से बढ़कर 2 रुपये होगी। इन संशोधित दरों से जबलपुर से पनागर, भेड़ाघाट, मझौली और अन्य 18 अधिसूचित मार्गों पर यात्रा महंगी हो जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा के अनुसार, सभी बस संचालकों को नए गजट नोटिफिकेशन के तहत संशोधित किराया लागू करना होगा, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी।

मध्य प्रदेश में बढ़ा बस किराया, रतलाम से इंदौर का सफर अब 272 रुपये में

मध्य प्रदेश में बस यात्रियों के लिए किराए में वृद्धि की गई है। राज्य शासन ने बस संचालकों की हड़ताल की चेतावनी के बाद यह निर्णय लिया। अब पहले पांच किलोमीटर के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये और उसके बाद प्रति किलोमीटर किराया 2 रुपये होगा, जो पुरानी दर से लगभग 60 प्रतिशत अधिक है। रतलाम से इंदौर का किराया 272 रुपये हो गया है, जबकि रतलाम से नीमच के लिए 270 रुपये देने होंगे। बस संचालकों ने डीजल और अन्य सामान की बढ़ती कीमतों के कारण लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अब तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश में बस किराया 60 प्रतिशत तक बढ़ा, साधारण बस का प्रति किलोमीटर दो रुपये हुआ

मध्य प्रदेश सरकार ने यात्री बसों का किराया कम से कम 60 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। अब साधारण बस का प्रति किलोमीटर किराया दो रुपये होगा, जो पहले सवा रुपये था। न्यूनतम किराया सात रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये किया गया है। यह वृद्धि पांच वर्ष बाद की गई है। विभिन्न श्रेणियों की बसों जैसे डीलक्स, एसी डीलक्स और सुपर लग्जरी कोच के किराये में भी सामान्य किराये की तुलना में 25 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने बस आपरेटरों की आंदोलन की चेतावनी से पहले बुधवार को अधिसूचना जारी कर इसे प्रभावी कर दिया।