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MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026: 7 सितंबर से शुरू, इंदौर में 6 केंद्र पर 2458 अभ्यर्थी

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 सात सितंबर से 12 सितंबर तक छह दिनों के लिए आयोजित की जाएगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए इंदौर में छह केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2458 अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग ने सुरक्षा और पारदर्शिता हेतु नवीन त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा से 90 मिनट पूर्व केंद्र पर पहुंचना होगा। पहचान के लिए सीसीटीवी, बायोमेट्रिक और ई-प्रवेश पत्र स्कैनिंग का उपयोग किया जाएगा।

एमपीपीएससी राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा जबलपुर के शासकीय मानकुंवर बाई महिला महाविद्यालय में 8 से 13 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रवेश से 90 मिनट पहले पहुंचना, बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटो पहचान का मिलान और फ्रिस्किंग शामिल है। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला अधिकारियों द्वारा अलग कक्ष में होगी। केवल ब्लैक पेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र ले जाने की अनुमति है। रीतेश दुबे को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो प्रश्नपत्रों के सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम: अगस्त और सितंबर का राशन एक साथ मिलेगा

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र हितग्राहियों को अगस्त और सितंबर का राशन उचित मूल्य की दुकानों से एक साथ मिलेगा। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 15 अगस्त तक भंडारण और 31 अगस्त तक वितरण के निर्देश दिए हैं। वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, जीपीएस निगरानी और अनियमितताओं पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अंत्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम और प्राथमिकता परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम राशन के साथ एक किलोग्राम नमक भी मिलेगा।

मध्य प्रदेश के 39.84 लाख LPG ग्राहकों को 16 अगस्त तक e-KYC कराना अनिवार्य

मध्य प्रदेश के 39.84 लाख घरेलू एलपीजी ग्राहकों को 16 अगस्त तक अपनी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी करनी होगी, अन्यथा उन्हें सब्सिडी के बजाय महंगी दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। गैस आपूर्ति कंपनियों ने अलर्ट संदेश भेजे हैं। राज्य में 1.73 करोड़ सक्रिय कनेक्शनों में से 39.84 लाख का ई-केवाईसी लंबित है, जिसमें भोपाल के 1.94 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। गैस वितरकों ने सब्सिडी प्रभावित होने की बात कही है, हालांकि कंपनियों से कोई लिखित आदेश नहीं आया है। ई-केवाईसी स्मार्टफोन ऐप, एजेंसी जाकर या डिलीवरी प्रतिनिधि के माध्यम से की जा सकती है।