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भोपाल के 30 इलाकों में शनिवार को बिजली कटौती: गौतम नगर, नवाब कॉलोनी सहित कई क्षेत्र प्रभावित

भोपाल में शनिवार को लगभग 30 इलाकों में मरम्मत कार्यों के चलते दो से छह घंटे की बिजली कटौती होगी। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सोहागपुर, गौतम नगर, फिरदोश नगर जैसे कई क्षेत्रों में बिजली गुल रहेगी। नवाब कॉलोनी और शिवनगर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा ओल्ड काजी कैंप में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आपूर्ति बाधित होगी। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जुड़ी बिल संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसमें 200 रुपये का बिल 3000 रुपये से अधिक हो गया है।

ग्वालियर में मेंटेनेंस और पेयजल व्यवस्था के कारण बिजली-पानी आपूर्ति बाधित रहेगी

ग्वालियर में बुधवार को बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत कंपनी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक विभिन्न फीडरों पर मेंटेनेंस कार्य करेगी, जिससे अमानपुरा, जयती नगर, मोहनपुर सहित कई क्षेत्रों में बिजली गुल रहेगी। वहीं, नगर निगम की एक दिन छोड़कर पानी देने की व्यवस्था के चलते रक्कस टैंक, इस्लामपुरा, निम्माजी की खो, गजराराजा टंकी से जुड़े वार्डों और कृष्णा पहाड़ी, लक्ष्मीबाई कॉलोनी, शिंदे की छावनी, दीनदयाल नगर सहित अन्य कई इलाकों में जलप्रदाय नहीं होगा। नागरिकों से पानी की बर्बादी से बचने की अपील की गई है।

मध्य प्रदेश में बिजली संकट गहराया, बांधों में जलस्तर घटने से उत्पादन प्रभावित

मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण बिजली संकट गहरा गया है। पर्याप्त बारिश न होने से बांधों में जलस्तर कम हो गया है, जिससे जलविद्युत उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में प्रतिदिन 13 से 14 हजार मेगावाट तक पहुंच रही बिजली की मांग को पूरा करने में कंपनियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। सामान्य स्थिति की तुलना में 2400 से 2500 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हो गया है। इस कमी की भरपाई के लिए ताप विद्युत संयंत्रों और बाहर से बिजली खरीदने पर निर्भरता बढ़ गई है, जिसके लिए मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी करीब दस रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली क्रय कर रही है।

मध्य प्रदेश में कम बारिश से बिजली की मांग 30% बढ़ी, जलविद्युत उत्पादन एक-चौथाई हुआ

मध्य प्रदेश में इस वर्ष कम बारिश के कारण बिजली क्षेत्र पर सीधा असर पड़ा है। बिजली की मांग में लगभग 30% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि जलविद्युत उत्पादन घटकर लगभग एक-चौथाई रह गया है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को अधिकतम मांग 13,471 मेगावॉट तक पहुँच गई, जो एक साल में 3,076 मेगावॉट की वृद्धि दर्शाती है। जलविद्युत उत्पादन में कमी के कारण राज्य को एनटीपीसी से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती के भी आरोप लगे हैं।