भोपाल के कोतवाली थाना क्षेत्र में 62 वर्षीय अशरफी बाई से ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने आई अशरफी बाई को दो जालसाजों ने 500 रुपये के असली नोट दिखाकर विश्वास में लिया। उन्होंने महिला को डरा-धमाकर सोने के मंगलसूत्र और कान के टाप्स उतरवा लिए। जालसाजों ने असली नोटों की गड्डी का लालच देकर अंततः महिला को रद्दी कागजों की पोटली थमा दी। अपनी बेटी के घर पहुंचने पर महिला को ठगी का पता चला, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को दिव्यांगजन और बुजुर्गों के लिए अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बैठक के बाद इस दिशा में निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत बसों में लो-फ्लोर तकनीक, हाइड्रोलिक या मैनुअल रैंप, व्हीलचेयर लॉक और आरक्षित सीटों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, डिजिटल डिस्प्ले, वाइस अनाउंसमेंट सिस्टम और पैनिक बटन जैसी सुविधाओं के साथ स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रमुख बस टर्मिनल और स्टॉप भी रैंप और सुलभ शौचालय से लैस होंगे।
भोपाल में एक जालसाज ने खुद को फिजियोथेरेपिस्ट बताकर 64 वर्षीय बुजुर्ग दीपरत्न सक्सेना से चार लाख रुपये की ठगी की। आरोपी आशीष आचार्य ने बिना ऑपरेशन घुटने का दर्द ठीक करने का झांसा दिया, ब्लेड से चीरा लगाकर तरल पदार्थ को ‘जहरीला तत्व’ बताया। दस लाख रुपये मांगे गए, जिसमें से चार लाख रुपये नकद दिए गए और छह लाख रुपये का चेक रोक दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अंतरराज्यीय गिरोह के अहमदाबाद से जुड़े होने का संदेह है।
मध्य प्रदेश सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना’ चला रही है, जिसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा कराई जाती है। महिला आवेदकों के लिए न्यूनतम आयु 58 वर्ष है। इस योजना में ट्रेन, बस और चुनिंदा मामलों में हवाई यात्रा, भोजन, ठहरने, स्थानीय परिवहन और गाइड का खर्च राज्य सरकार वहन करती है। इच्छुक नागरिक tirth.samagra.gov.in पर या तहसील/जिला कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। पहचान पत्र, आयु, निवास, आय और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र आवश्यक हैं।
इंदौर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट के वायरल वीडियो के बाद हाई कोर्ट की इंदौर डबल बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने राज्य सरकार को इंदौर संभाग के सभी आश्रय गृहों और वृद्धाश्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनकी कुल क्षमता और वर्तमान में रह रहे बुजुर्गों की संख्या का विवरण मांगा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को भी प्रेमाश्रय के बुजुर्गों को भेजे गए आश्रय गृहों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को होगी।
इंदौर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के वीडियो के बाद नए खुलासे हुए हैं। आश्रम से स्थानांतरित बुजुर्गों ने दावा किया है कि नाबालिग के अलावा कर्मचारी भी उनसे मारपीट और गाली-गलौज करते थे। फिलहाल तीन बुजुर्ग एमवाय अस्पताल में भर्ती हैं, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। जिला प्रशासन ने वृद्धाश्रम को सील कर दिया है और मामले की जांच जारी है। आश्रम में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे।
मुंबई में साइबर ठगों ने एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 1.57 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने स्वयं को दूरसंचार विभाग और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया, फर्जी नोटिस और वेबसाइट दिखाई। सात महीने तक चले इस मानसिक दबाव के बाद बुजुर्ग ने अपनी जमा पूंजी गंवा दी। उन्हें ठगी का अहसास तब हुआ जब उन्होंने अखबार में डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी खबर पढ़ी। नवी मुंबई साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुरैना के देवगढ़ थाना क्षेत्र के उत्तमपुरा गांव में 70 वर्षीय विमला सिकरवार की गला काटकर हत्या कर दी गई और उनके गहने लूट लिए गए। वह घर में अकेली थीं और कुछ दिन पहले ही ग्वालियर से गांव आई थीं। ग्रामीणों ने सोमवार सुबह खटिया पर उनका शव देखा। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दो माह पूर्व इसी थाना क्षेत्र के भवनपुरा गांव में एक अन्य बुजुर्ग महिला रामबाई सिकरवार पर भी इसी तरह हमला कर गहने लूटे गए थे, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुई थीं। दोनों घटनाओं में अकेली बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाया गया है।