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ब्रिक्स सिर्फ बड़े बाजार नहीं, आर्थिक नेटवर्क: जय श्रॉफ

नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम की शुरुआत हो गई है, जिसमें सदस्य देशों के कारोबारी और सरकारों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष जय श्रॉफ ने ब्रिक्स को केवल बड़े बाजारों का समूह न मानकर एक आर्थिक नेटवर्क बताया, जहां सदस्य देशों की ताकत एक-दूसरे को मजबूत कर सके। उन्होंने भारत की अध्यक्षता में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को प्रमुख प्राथमिकताएं बताया। मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें व्यापार, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

ब्रिक्स बिजनेस फोरम: जयशंकर ने आर्थिक गतिविधि और सुरक्षा बढ़ाकर आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में अस्थिरता व अनिश्चितता बढ़ी है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के लिए आर्थिक गतिविधि और सुरक्षा बढ़ाकर आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। जयशंकर ने कारोबार, आपूर्ति नेटवर्क, ऊर्जा सुरक्षा और पारदर्शी व्यापार को इस लक्ष्य के लिए अहम बताया। 12 सितंबर से शुरू होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इन्हीं आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सीमा पार भुगतान और राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग जैसे विषय शामिल होंगे।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने नई दिल्ली पहुंचे, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है। शी जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आए हैं और यह उनका सात साल बाद पहला भारत दौरा है। इससे पहले वे 2019 में मामल्लापुरम में एक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जिसमें सीपीसी पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य काई ची और विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शक्ति संतुलन का नया व्याकरण दिल्ली में लिखा गया

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दिल्ली में शक्ति संतुलन का एक नया व्याकरण लिखा गया। तीन दिनों में 15 द्विपक्षीय बैठकें और अनौपचारिक मुलाकातें हुईं, जो मंच के बजाय हाशिये पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति की परीक्षा थीं। सदस्य देशों के अलग-अलग हितों, जैसे भारत-चीन सीमा विवाद और हिंद महासागर में प्रतिस्पर्धा के बावजूद, यह निष्कर्ष निकला कि हर विवाद सैन्य तरीके से नहीं सुलझता और मेज पर बने रहना भी एक महत्वपूर्ण रणनीति है।

शेख हसीना विवाद से भारत-बांग्लादेश रिश्तों में तनाव: ब्रिक्स सत्र में बांग्लादेशी PM रहमान की भागीदारी संदिग्ध

भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ा विवाद कूटनीतिक स्तर पर तनाव का कारण बन गया है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने की संभावना कमजोर है। भारत में शेख हसीना को प्रेस वार्ता की अनुमति दिए जाने पर बांग्लादेश ने गंभीर नाराजगी जताई है। ढाका का आरोप है कि हसीना को राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति देना और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना एक साथ संभव नहीं है।

भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का दूसरा दिन: घोषणा पत्र मसौदे पर मंथन

भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का गुरुवार को दूसरा दिन है, जिसमें संस्कृति मंत्रियों के घोषणा पत्र के मसौदे और सांस्कृतिक सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर मंथन हो रहा है। इनमें विरासत संरक्षण, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं। शाम को रविंद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव होगा, साथ ही ‘ज्ञान भारतम’ जैसी विशेष प्रदर्शनियां भी लगेंगी। 7 अगस्त को ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026’ और ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ की प्रस्तुतियां होंगी। 8 अगस्त को तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी, जिसके बाद सांची का भ्रमण किया जाएगा।

भोपाल में मेट्रो कॉरिडोर हेतु काटे गए पेड़ों के ठूंठों पर गमले सजाए गए

भोपाल में मेट्रो रेल ब्लू लाइन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए ऐतिहासिक मिंटो हॉल के सामने दशकों पुराने पेड़ों को काट दिया गया था। अब इन पेड़ों के ठूंठों पर गमले रखकर हरियाली दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे ब्रिक्स सम्मेलन के विदेशी मेहमानों के लिए दिखावा बताया जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है, जबकि मेट्रो अधिकारियों ने आवश्यक वैधानिक अनुमतियां लेने और पुन: पौधारोपण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को देने की बात कही है।

भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्य समूह और मंत्रियों का सम्मेलन, वाग्देवी प्रतिमा वापसी पर मुख्य फोकस

भोपाल में ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों का सम्मेलन बुधवार से शुरू होगा। इस सम्मेलन का मुख्य फोकस यूनेस्को विश्व धरोहर के लिए संयुक्त नामांकन और चोरी हुई सांस्कृतिक धरोहरों, विशेषकर लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी वाग्देवी प्रतिमा की वापसी पर है। केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार वाग्देवी प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास कर रही है और 2014 के बाद से 650 धरोहरें वापस लाई जा चुकी हैं। सम्मेलन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और धरोहर सुरक्षा पर भी चर्चा होगी।