भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ा विवाद कूटनीतिक स्तर पर तनाव का कारण बन गया है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने की संभावना कमजोर है। भारत में शेख हसीना को प्रेस वार्ता की अनुमति दिए जाने पर बांग्लादेश ने गंभीर नाराजगी जताई है। ढाका का आरोप है कि हसीना को राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति देना और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना एक साथ संभव नहीं है।
भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का गुरुवार को दूसरा दिन है, जिसमें संस्कृति मंत्रियों के घोषणा पत्र के मसौदे और सांस्कृतिक सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर मंथन हो रहा है। इनमें विरासत संरक्षण, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं। शाम को रविंद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव होगा, साथ ही ‘ज्ञान भारतम’ जैसी विशेष प्रदर्शनियां भी लगेंगी। 7 अगस्त को ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026’ और ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ की प्रस्तुतियां होंगी। 8 अगस्त को तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी, जिसके बाद सांची का भ्रमण किया जाएगा।
भोपाल में मेट्रो रेल ब्लू लाइन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए ऐतिहासिक मिंटो हॉल के सामने दशकों पुराने पेड़ों को काट दिया गया था। अब इन पेड़ों के ठूंठों पर गमले रखकर हरियाली दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे ब्रिक्स सम्मेलन के विदेशी मेहमानों के लिए दिखावा बताया जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है, जबकि मेट्रो अधिकारियों ने आवश्यक वैधानिक अनुमतियां लेने और पुन: पौधारोपण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को देने की बात कही है।
भोपाल में ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों का सम्मेलन बुधवार से शुरू होगा। इस सम्मेलन का मुख्य फोकस यूनेस्को विश्व धरोहर के लिए संयुक्त नामांकन और चोरी हुई सांस्कृतिक धरोहरों, विशेषकर लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी वाग्देवी प्रतिमा की वापसी पर है। केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार वाग्देवी प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास कर रही है और 2014 के बाद से 650 धरोहरें वापस लाई जा चुकी हैं। सम्मेलन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और धरोहर सुरक्षा पर भी चर्चा होगी।