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इंदौर-फतेहाबाद चंद्रावतीगंज और महू-इंदौर रेलखंड ने 150 वर्ष से अधिक की यात्रा पूरी की

इंदौर – फतेहाबाद चंद्रावतीगंज एवं डॉ. अंबेडकर नगर (महू) – इंदौर रेलखंड ने 150 वर्षों से अधिक की गौरवशाली यात्रा पूरी की है। तीन अगस्त 1876 को शुरू हुए इस रेलखंड ने मालवा क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अहम भूमिका निभाई। पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल इस ऐतिहासिक मार्ग के आधुनिकीकरण, विरासत संरक्षण और यात्री सुविधाओं के विकास पर निरंतर कार्य कर रहा है। लगभग 21 किमी महू-इंदौर और 40 किमी फतेहाबाद चंद्रावतीगंज-इंदौर मीटरगेज रेलखंड को अब ब्रॉडगेज में परिवर्तित कर आधुनिक सिग्नलिंग और उन्नत सुविधाओं से लैस किया गया है, जो प्रतिदिन हजारों यात्रियों को सेवा प्रदान कर रहा है।

मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया तेज

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली 309 किलोमीटर लंबी मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। इस परियोजना के लिए कुल 349.7890 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिसके हस्तांतरण की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रही है। मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने इसे निमाड़, मालवा और उत्तर महाराष्ट्र की वर्षों पुरानी मांग बताया। परियोजना से क्षेत्र को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। समिति ने शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया है।

राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर बिछेगी नई स्टेब्लिंग लाइन

पश्चिम रेलवे उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर एक नई स्टेब्लिंग लाइन बिछाने की तैयारी कर रहा है। यह लाइन ट्रेनों, इंजनों और मालगाड़ियों की पार्किंग के लिए उपयोग की जाएगी, क्योंकि इंदौर मुख्य रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त जगह नहीं है। इससे महू जैसे अन्य स्टेशनों पर ट्रेनों को भेजने की आवश्यकता कम होगी, जिससे रेलवे को खर्च और समय की बचत होगी। यह ट्रैफिक नियंत्रण में भी सहायक होगी। साथ ही, मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में भी तेजी आई है, जिसमें मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई है।