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तीन शासकीय कॉलेजों में 2026-27 से संस्कृत की पढ़ाई को स्वीकृति

मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने और भारतीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने तीन शासकीय कॉलेजों – शासकीय कन्या महाविद्यालय बासौदा (विदिशा), जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर (शाजापुर) और शासकीय महाविद्यालय सोयतकलां (आगर-मालवा) – में संस्कृत विषय की पढ़ाई को स्वीकृति दे दी है। इन संस्थानों में सत्र 2026-27 से संस्कृत पाठ्यक्रम संचालित होंगे।

विकसित भारत के लिए Gen Z को संस्कार और नवाचार का संगम अपनाना होगा: स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी

उज्जैन में आयोजित ‘भारतीय दृष्टि में Gen Z’ व्याख्यान में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने विकसित भारत के लिए Gen Z को भारतीय संस्कारों और नवाचार का संगम अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन और एआई के युग में युवाओं को अपनी आधुनिक सोच भारतीय मूल्यों से जोड़नी होगी। स्वामी जी ने भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और डिजिटल युग में जिम्मेदारी बरतने की सलाह दी। रोहित कुमार सिंह ने युवा ऊर्जा को राष्ट्रहित में लगाने का आह्वान किया।

जावद में अच्छी वर्षा के लिए गधे को खिलाए गुलाब जामुन, नगर पटेल ने की सवारी

नीमच जिले के जावद नगर में अच्छी वर्षा और जल संकट से राहत के लिए सदियों पुरानी परंपराओं का आयोजन किया गया। नगर के खोर दरवाजा स्थित रामलीला मैदान में प्राचीन घास भैरव का पूजन कर गधे को गुलाब जामुन खिलाए गए। इसके बाद नगर पटेल को गधे पर सवार कर पारंपरिक सवारी निकाली गई, जिसमें लोगों ने इंद्र देव से अच्छी वर्षा की प्रार्थना की। स्थानीय मान्यता है कि इन अनुष्ठानों से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं। इसी क्रम में किसान परिवारों की महिलाओं ने ‘पानी बंधान’ अनुष्ठान कर ढोल की थाप पर मटकियां फोड़ते हुए ‘राधे कृष्ण गोविंदा, जल बरसा दे गोविंदा’ का जाप किया।

रायसेन के भगदेई शिव मंदिर में सूर्य की पहली किरण करती है शिवलिंग का अभिषेक

रायसेन जिले का भगदेई शिव मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर सुबह सूर्य की पहली किरण सीधे शिवलिंग पर पड़ती है। विंध्याचल पर्वत की तलहटी में स्थित यह प्राचीन मंदिर अपने अधूरे कलश और त्रेतायुग के जामवंत से जुड़ी कथाओं के कारण भी आस्था का केंद्र है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जामवंत ने एक रात में मंदिर का निर्माण अधूरा छोड़ दिया था, और उनके चरणचिह्न आज भी पास में मौजूद हैं। श्रावण मास और महाशिवरात्रि पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन मंदिर को बेहतर संरक्षण और विकास की आवश्यकता है।

उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में 11 अगस्त को मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस

उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के बजाय 11 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिर की अनूठी परंपरा के तहत राष्ट्रीय पर्व अंग्रेजी कैलेंडर की बजाय वैदिक तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. अक्षय व्यास के अनुसार, भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, जो श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी। इस वर्ष यह तिथि 11 अगस्त को पड़ रही है। मंदिर में गणतंत्र के आराध्य देव बड़े गणेश का अभिषेक-पूजन, ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और भारत माता का पूजन किया जाएगा। यह परंपरा भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में निभाई जाती है।