मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने असफल ई-भुगतानों की वापसी के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की है। अब प्रत्येक असफल भुगतान की राशि को एक अलग खाते में दर्ज किया जाएगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को इन मामलों का सत्यापन कर 365 दिनों के भीतर पुनर्भुगतान प्रक्रिया शुरू करनी होगी। विभागाध्यक्ष या बजट नियंत्रण अधिकारी के स्तर पर निराकरण की अधिकतम अवधि 730 दिन है। यदि 730 दिनों में राशि वापस नहीं होती, तो उसे सरकारी खजाने में राजस्व प्राप्ति मद में जमा किया जाएगा। डीडीओ दोहरे भुगतान और गलत हस्तांतरण रोकने के लिए भी जिम्मेदार होंगे।