सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 5 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के निलंबन और उनके कथित तौर पर अकेले लिए गए फैसलों को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ फैसले और बदलाव दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की सहमति के बिना किए गए, जबकि कानून में बहुमत के फैसले का प्रावधान है। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और फॉर्म 6 में सॉफ्टवेयर द्वारा जोड़े गए बदलावों को चुनौती दी गई है। चुनाव आयोग ने विचारों में अंतर को सामान्य बताया है।
इंदौर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए 4,47,123 मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर फिर से खोजा जाएगा। जिले के 3226 बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) इन मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। पात्र पाए जाने वाले नामों को दोबारा मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। एसआईआर से पहले 28,67,294 मतदाता थे, जो प्रारंभिक सूची में 24,20,171 रह गए थे। वर्तमान में जिले में 25,02,563 मतदाता हैं। इस अभियान में दावे-आपत्तियां भी बुलाई जाएंगी।
निर्वाचन आयोग ने अपना ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म 22 जनवरी 2026 से प्रारंभ किया है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची में नाम खोजना, जोड़ना और आवेदन की स्थिति जानना आसान हो गया है। इस प्लेटफॉर्म पर मतदाता पहचान पत्र से संबंधित कार्य और आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत भी की जा सकती है। ईसीआईनेट मतदाता पंजीकरण, डिजिटल मतदाता परिचय पत्र डाउनलोड और शिकायत निवारण सहित मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों तथा राजनीतिक दलों के लिए सभी प्रमुख सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है, जिससे अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
भारत निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना और ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नया कार्यक्रम जारी किया है। तेलंगाना में यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 को आधार तारीख मानकर की जाएगी, जिसमें मसौदा सूची 17 अगस्त 2026 को जारी होगी और दावे-आपत्तियां 16 सितंबर 2026 तक दर्ज की जा सकेंगी। ओडिशा में 1 जुलाई 2026 को आधार तारीख माना गया है, जहां दावे-आपत्तियां 19 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी और अंतिम मतदाता सूची 21 सितंबर 2026 को जारी होगी। आयोग ने दोनों राज्यों के अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची तैयार कर जिलों में प्रकाशित कर दी है। यह सूची भारत निर्वाचन आयोग के स्पेशल इन्टेंशिव रिविजन के आधार पर अपडेट की गई है। सूची को पारदर्शी बनाने के लिए स्थायी रूप से स्थानांतरित, दोहरे और मृतक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी अपडेटेड सूची के आधार पर नवंबर-दिसंबर में खाली पड़े पदों पर उपचुनाव होंगे। दतिया उपचुनाव में 71.44% मतदान दर्ज किया गया।