महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी मैगजीन से 300 किलो विस्फोटक की चोरी के मामले में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस को वारदात स्थल से 150 मीटर दूर 25 एमएम नाइट्रेटेड मिक्सर का एक बाक्स, डेटोनेटिंग फ्यूज और एक टामी मिली है, जिससे खिड़की तोड़कर प्रवेश करने का संदेह है। जांच अब खेतों और जंगलों में होने वाली ब्लास्टिंग गतिविधियों पर केंद्रित है, जिसमें कृषि कार्यों के लिए उपयोग होने वाले विस्फोटक और खनन से जुड़े लोगों से पूछताछ शामिल है। सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की सीडीआर का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर भेरुघाट में गुरुवार रात करीब 9.30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मानपुर से धामनोद जा रहा अनाज से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में जा घुसा। इस ट्रक ने पहले दो कारों को टक्कर मारी और फिर एक अन्य ट्रक से जा भिड़ा। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनकी शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। मानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। इस दुर्घटना के कारण राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल 20 अगस्त से पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू करने की तैयारी में है। रखरखाव के बाद इंजन और कोच बीकानेर से इंदौर के लिए रवाना हो गए हैं और तीन-चार दिन में महू पहुंचेंगे। रेलवे द्वारा अभी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन परीक्षण संचालन के बाद इसकी घोषणा की जाएगी। ट्रेन को पूरे सप्ताह चलाने की योजना है, और किराए में वृद्धि संभव है। मंडल रेल प्रबंधक ने भी अगस्त से नियमित संचालन की बात कही थी।
महू के गवली पलासिया में दो दिन से लापता युवक मिथुन उर्फ धर्मेंद्र की हत्या का बड़गोंदा पुलिस ने पांच घंटे में पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपित सुनील उर्फ सुखराम ने पूछताछ में बताया कि उसने अपनी पत्नी रवीना के साथ कथित बदसलूकी करने पर मिथुन की हत्या कर दी थी। सुनील ने मिथुन को बच्चे के इलाज के बहाने घर बुलाया था। हत्या के बाद पति-पत्नी ने शव को तलाई किनारे दफनाकर फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों को हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इंदौर – फतेहाबाद चंद्रावतीगंज एवं डॉ. अंबेडकर नगर (महू) – इंदौर रेलखंड ने 150 वर्षों से अधिक की गौरवशाली यात्रा पूरी की है। तीन अगस्त 1876 को शुरू हुए इस रेलखंड ने मालवा क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अहम भूमिका निभाई। पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल इस ऐतिहासिक मार्ग के आधुनिकीकरण, विरासत संरक्षण और यात्री सुविधाओं के विकास पर निरंतर कार्य कर रहा है। लगभग 21 किमी महू-इंदौर और 40 किमी फतेहाबाद चंद्रावतीगंज-इंदौर मीटरगेज रेलखंड को अब ब्रॉडगेज में परिवर्तित कर आधुनिक सिग्नलिंग और उन्नत सुविधाओं से लैस किया गया है, जो प्रतिदिन हजारों यात्रियों को सेवा प्रदान कर रहा है।