भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के 500 मीटर के सुरक्षा घेरे में निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ पुलिस के केवल दो कैमरे ही सक्रिय हैं। पॉलिटेक्निक चौराहे से राजा भोज सेतु तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कैमरे बंद या हटा दिए गए हैं, जिससे वारदात के बाद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने में पुलिस को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के सामने कार तोड़फोड़ और सीएम हाउस से 200 मीटर दूर फायरिंग जैसी घटनाओं में आरोपित अब तक फरार हैं।
भोपाल में किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें हजारों किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की चार लेयर बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद आरएलएल तिराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। लगभग 100 किसान बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए। किसान मूंग खरीदी, ई-टोकन सिस्टम में सुधार और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।