इंदौर में एयरपोर्ट से गांधी नगर तक मेट्रो ट्रेन निर्माण के कारण पिछले तीन महीनों से वन-वे किए गए मार्ग को अब दोनों तरफ से आवागमन के लिए खोल दिया गया है। इस मार्ग के वन-वे होने से वाहन चालकों को रोजाना चार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था, जिससे हजारों लोगों को परेशानी हो रही थी। दोपहिया वाहन चालकों द्वारा रांग साइड से आवागमन करने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ था। यातायात विभाग ने मेट्रो प्रबंधन को पत्र लिखकर दोनों तरफ से आवागमन की सुविधा मांगी थी, जिसके बाद मार्ग को खोल दिया गया है। इससे वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है और दुर्घटनाओं की आशंका समाप्त हो गई है।
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो टनल के नए अलाइनमेंट को लेकर रहवासियों में हड़कंप मच गया है। बंगाली चौराहे से पलासिया के बीच यह टनल अब कनाड़िया रोड के बजाय सघन कॉलोनियों और हजारों मकानों के नीचे से गुजरने की तैयारी में है। वंदना नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी, तिलक नगर और संविद नगर में शुरू हुए मिट्टी परीक्षण से चिंतित निवासियों ने मेट्रो जीएम आरएस राजपूत से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। रहवासियों का तर्क है कि 200 फीट चौड़ी सड़क उपलब्ध होने पर भी हजारों मकानों की नींव को खतरे में क्यों डाला जा रहा है?
भोपाल में मेट्रो रेल ब्लू लाइन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए ऐतिहासिक मिंटो हॉल के सामने दशकों पुराने पेड़ों को काट दिया गया था। अब इन पेड़ों के ठूंठों पर गमले रखकर हरियाली दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे ब्रिक्स सम्मेलन के विदेशी मेहमानों के लिए दिखावा बताया जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है, जबकि मेट्रो अधिकारियों ने आवश्यक वैधानिक अनुमतियां लेने और पुन: पौधारोपण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को देने की बात कही है।