मध्य प्रदेश में नीट यूजी 2026-27 की राज्य स्तरीय संयुक्त काउंसलिंग के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने सरकारी स्कूल कोटा के तहत नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, कक्षा 6 से 12 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययन का प्रमाण और मूल अंकपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित दस्तावेज न दिखाने पर सीट रद्द हो सकती है। प्रदेश में कुल 4900 एमबीबीएस सीटें हैं, जिनमें से लगभग 245 सीटें सरकारी स्कूल कोटे के लिए आरक्षित हैं। पहले दौर की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 13 अगस्त तक चलेगा, और सीट आवंटन परिणाम 20 अगस्त को जारी होगा।
मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों की नीट यूजी-2026 काउंसलिंग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। सरकारी स्कूलों से कक्षा छठी से 12वीं तक नियमित पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा नहीं रहेगा। पंजीयन शुल्क 1100 रुपये है, और च्वाइस लॉकिंग के लिए 100 रुपये पोर्टल शुल्क लगेगा। द्वितीय चरण में अपग्रेडेशन के लिए 500 रुपये का नोटरीकृत शपथ पत्र देना होगा।