जबलपुर और संभाग के जिलों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, शनिवार रात से शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक हल्की से भारी बारिश का अनुमान जताया है। उत्तर ओडिशा पर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। रविवार को 7 मिमी बारिश के साथ कुल मानसून वर्षा 346 मिमी दर्ज हुई, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है। शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ से आवागमन प्रभावित हुआ। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के आसपास बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार शाम तक गुना में 85 मिलीमीटर और खंडवा में 58 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते इंदौर, भोपाल और जबलपुर समेत कई शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित लगभग सभी प्रमुख जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 15 अगस्त से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी वर्षा का दौर फिर से शुरू होने की संभावना है।
मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटों में लगभग 8 इंच बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल में रविवार रात से ही तेज बारिश जारी है। हालांकि, प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत कम है, जिसमें पूर्वी मध्यप्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।
ग्वालियर और अंचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय है। शुक्रवार को ग्वालियर शहर में 9.5 मिमी बारिश हुई, जिससे मौसम सुहाना बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण ग्वालियर-चंबल में बारिश जारी है। आगामी दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि 10 और 11 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं। बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन सड़कों पर पानी भरने से गड्ढे हो गए हैं, जिससे यातायात में परेशानी हो रही है। निगम द्वारा कराया गया पैचवर्क भी बह गया है।
मध्य प्रदेश में मंगलवार को मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले, जहां 12 जिलों में वर्षा दर्ज हुई, वहीं भोपाल में उमस रही। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए पूर्वी जिलों में तेज वर्षा की संभावना जताई है, विशेषकर टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी वर्षा का अनुमान है। मंगलवार को नौगांव में सर्वाधिक 42 मिमी वर्षा हुई। उत्तरी हिस्सों के ऊपर बने चक्रवात और मानसून द्रोणिका को इस मौसमी बदलाव का कारण बताया गया है।
ग्वालियर में मानसून की सक्रियता के चलते 24 घंटे में 92.8 मिमी (3.65 इंच) वर्षा दर्ज की गई, जिसमें रात में 55.2 मिमी और दिन में 36.8 मिमी बारिश हुई। लगातार वर्षा से शहर की सड़कें व कई मोहल्ले जलमग्न हो गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और बच्चे स्कूल नहीं जा सके। बारिश के कारण अंचल का दिन का तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों तक इसी तरह की हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है, जिसमें बीच-बीच में तेज बारिश भी हो सकती है। जिले में औसत वर्षा अब 3% अधिक हो गई है।
ग्वालियर में सोमवार को मानसून की वर्षा से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। शहर के कई इलाकों में तेज बौछारें गिरीं, जिससे तापमान में 4.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। रात 11:30 बजे तक 11.8 मिमी वर्षा हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी खंडवर्षा की संभावना जताई है। वर्षा के कारण शहर के लक्ष्मीबाई समाधि, आपागंज और निगम मुख्यालय जैसे कई क्षेत्रों में जलजमाव हो गया, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील नजर आईं।
मध्य प्रदेश में 4 और 5 अगस्त से भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है, विशेषकर उत्तर और पूर्वी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में राजस्थान पर बना निम्न दाब क्षेत्र और मानसूनी द्रोणिका मौसम को प्रभावित कर रही हैं, जिससे अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। प्रदेश के 43 जिले अभी भी सामान्य से कम वर्षा वाले हैं, जबकि जून और जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाली बारिश से इस कमी को कुछ हद तक पूरा होने का अनुमान है।
जबलपुर में मानसून के पुनः सक्रिय होने से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बने गहरे अवदाब के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक जिले एवं संभाग में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। बुधवार को हल्की बारिश दर्ज हुई, जिससे कुछ इलाकों में जलभराव भी देखा गया। इस मानसून सीजन में अब तक 310 मिमी वर्षा हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 711.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। मौसम विभाग ने आगामी 30 और 31 जुलाई के लिए जबलपुर, कटनी और मंडला का तापमान पूर्वानुमान भी जारी किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून पूरे रंग में है, जहां तीन सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पिछले 60 घंटे से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में ऑरेंज अलर्ट शामिल है। लगातार बारिश से राज्य में वर्षा की कमी 17 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत रह गई है, हालांकि 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। देवास में सर्वाधिक 18.5 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम ढाई इंच बारिश हुई है। जुलाई के शेष दिनों में मजबूत मौसम प्रणालियों से घाटा पूरा होने की उम्मीद है।